अगवानी पृ-22

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विदेशी भाषा के रूप में हिंदी

विश्व के लगभग 165 विश्वविद्यालयों/संस्थाओं में विदेशी भाषा के रूप में हिंदी का अध्यापन हो रहा है। इन संस्थाओं में इस प्रकार के कार्यक्रमों के विभिन्न आयामों में काफ़ी असमानता है। कुछ स्थानों पर हिंदी अध्यापन के कार्यक्रम प्रारम्भिक स्तर पर चलाये जा रहे हैं तथा कुछ विश्वविद्यालयों में शोध स्तर पर। किंतु इन सभी स्थानों पर पाठ्यक्रमों की सामग्री, शिक्षण अवधि, शिक्षण सामग्री का प्रकार तथा शिक्षण विधि की दृष्टि से काफी भिन्नता मिलती है। ये संस्थायें अथवा विश्वविद्यालय सामन्यत: इन कार्यक्रमों को अपने शैक्षिक कार्यक्रमों के साथ मिला देती हैं। परिणामत: छात्रों को अनेक विश्वविद्यालयों में जाना होता है। ज़्यादातर उन्हें अपने पिछ्ले हिंदी अध्ययन के लाभ को छोड़्कर एक नई शुरुआत करनी पड़्ती है।

केंद्रीय हिंदी संस्थान 1972 से विदेशियों के लिए हिंदी शिक्षण के कार्यक्रम संचालित कर रहा है। पिछले 34 वर्षों से संस्थान ने लगभग 50 देशों के करीब 2000 छात्रों को प्रशिक्षित किया है। संस्थान पिछले कई वर्ष से इस समस्या के व्यावहारिक समाधान की खोज में लगा हुआ है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ने भी मानव संसाधन मंत्रालय से विदेशी भाषा के रूप में हिंदी का एक मानकीकृत कार्यक्रम तैयार करने का आग्रह किया था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संस्थान को इस दिशा में कार्य करने और एक कार्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में गम्भीरतापूर्वक विचार मंथन के बाद संस्थान इस निष्कर्ष पर पहुँचा है कि विदेशी विश्वविद्यालयों में विद्यमान व्यापक भिन्नताओं के परिप्रेक्ष्य में विश्वव्यापी प्रयोग के लिए अध्ययन का एक मात्र कार्यक्रम बनाया जाना असंभव है।
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इस कार्य के लिए संस्थान ने एक विशेषज्ञ समिति गठित की जिसने अपनी प्रारम्भिक बैठकों में यह सुझाव दिया कि केडिट पद्धति पर आधारित एक मानकीकृत रूप्रेखा बनाई जाए जिसे अधिकतर विश्वविद्यालय अपनी आवश्यकता के अनुसार अपना सकें। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से उस रूपरेखा का निर्माण करना है तथा यह सुझाव देना है कि विश्वविद्यालय इसे कैसे कार्यान्वित करें। इस परियोजना के अंतर्गत विभिन्न पाठ्यक्रमों का निर्माण किया गया है। जिनका विवरण नीचे दिया जा रहा है।

स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम :

प्रस्तुत कार्यक्रम एक वर्ष में 32 क्रेडिट का है। कुल कार्यक्रम 3 वर्षों में 96 क्रेडिट का है। यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद छात्र को हिंदी में स्नातक स्तरीय उपाधि दी जा सकती है। इस कार्यक्रम के दो विशिष्ट घटक हैं। भाषिक कौशल के पाठ्यक्रम (16 क्रेडिट) और पाठों पर आधारित पाठ्यक्रम (16 क्रेडिट)। विश्वविद्यालयों को 32 क्रेडिट के इन पाठ्यक्रमों में से अपनी आवश्यकता और शैक्षिक योग्यता के अनुसार किसी भी पाठ्यक्रम का चयन करने का अधिकारी है। विश्वविद्यालय स्नातक स्तर पर सामान्यत: तीन प्रकार के भाषा पाठ्यक्रमों को संचालित करते हैं।

  1. दक्षता पाठ्यक्रम
  2. आधारभूत पाठ्यक्रम
  3. ऐच्छिक पाठ्यक्रम


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केंद्रीय हिंदी संस्थान
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अगवानी अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. अगवानी आवरण पृष्ठ 1
2. अगवानी स्वर्ण जयंती की 3
3. श्री कपिल सिब्बल संदेश 4
4. एक कविता 5
5. शुभकामना प्रो. अशोक चक्रधर 6
6. संपादकीय प्रो. के. बिजय कुमार 7
7. केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल : एक परिचय 8
8. मुख्यालय एवं केंद्र 10
9. मुख्यालय एवं केन्द्रों की गतिविधियां 14
10. शिक्षण-प्रशिक्षण एवं नवीकरण 18
11. पुरस्कार 19
12. प्रकाशन 20
13. अंतरराष्ट्रीय मानकहिंदी पाठ्यक्रम 21
14. विदेशी भाषा के रूप में हिंदी 22
15. हिंदी कॉर्पोरा परियोजना 24
16. भाषा-साहित्य सीडी निर्माण परियोजना 26
17. हिंदी लोक शब्दकोश 27
18. भव्य झांकियाँ 28
19. संस्थान की गतिविधियाँ 34
20. उद्धोधन 36
21. ज्योतित हो जन-जन का जीवन 37


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