अगवानी पृ-24

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हिंदी कॉर्पोरा परियोजना

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की भारतीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी विकास संबंधित योजना के अंतर्गत केंद्रीय हिंदी संस्थान में वर्ष 1991 में 'हिंदी कॉर्पोरा परियोजना' का प्रारम्भ किया गया था। इस परियोजना के अंतर्गत संस्थान में वर्ष 1991 से 1993 के बीच हिंदी के तीस लाख शब्द का कॉर्पोरा विकसित किया गया। इस कार्य में 1980 से 1989 तक के साहित्य को आधार बनाकर विभिन्न विषयों एवं उपविषयों की सामग्री संकलित की गई। इस कार्य में आई.आई.टी. दिल्ली का सहयोग लिया गया। तदंतर समस्त कॉर्पोरा भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर को अनुरक्षण एवं टैगिंग के लिए दे दिया गया।

1991 में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आग्रह किया कि संस्थान हिंदी कॉर्पोरा को भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर से लेकर टैगिंग का कार्य पूरा करे। संस्थान ने ई.आर. एण्ड डीई.सी.आई., नोएडा को सहयोगी एजेंसी बनाकर यह कार्य प्रारम्भ किया। विभिन्न कार्यशालाओं के आयोजन के माध्यम से हिंदी कॉर्पोरा का प्रूफ-शोधन किया गया और उसकी टैगिंग के नियम तैयार किए गये। इन नियमों का कंप्यूटरीकरण ई.आर. एण्ड डीई.सी.आई., नोएडा ने किया एवं इसकी सी.डी. तैयार कर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रस्तुत की गई। इस कॉर्पोरा के आधार पर इंडैक्स, विषयानुकूल बारंबारता आधारित कार्पोरा को विकसित करना है।

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परियोजना के दूसरे चरण में संस्थान ने अपने संसाधनों से इस कॉर्पोरा को दो करोड़ शब्दों तक ले जाने का कार्य प्रारम्भ किया है। वर्तमान में यह परियोजना भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर के सहयोग से संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2005-06 में इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से प्रारम्भ किया गया है।

परियोजना के संचालन के लिए निम्नलिखित क्रियाविधि निर्धारित की गई हैं-

  • पहले चरण में पूर्व विकसित हिंदी कॉर्पोरा में अपनाए गये सिद्धांतों के परिप्रेक्ष्य में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएगें। यह कार्य संस्थान के अध्यापकों एवं कुछ बाह्य विशेषज्ञों (भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर) द्वारा कार्यशाला के आधार पर किया जाएगा।
  • कॉर्पोरा के लिए सामग्री इनपुट का कार्य संस्थान में तथा बाहर से पारिश्रमिक देकर कराया जाएगा।
  • इनपुट किए गये कॉर्पोरा के सशोधन का कार्य संस्थान से कराया जाएगा।
  • इस परियोजना में कार्य करने वाले 'परियोजना सहायक' कार्य करेंगे।
  • शोधित कॉर्पोरा के बाद कॉर्पोरा की टैगिंग का कार्य कार्यशाला पद्धति के आधार पर भाषा विशेषज्ञों एवं सहायकों से संपन्न कराया जाएगा।
  • पहले लगभग 50,000 शब्दों के आधार पर टैगिंग नियमों का निर्माण किया जाएगा एवं उसका कंप्यूटीकरण किया जाएगा।
  • विभिन्न विषयों के अनुसार कॉर्पोरा की सी.डी. का निर्माण एवं बारंबारता के अधार पर 20 मिलियन कॉर्पोरा में आए शब्दों का चयन किया जायेगा।
  • इसके आधार पर आगे भाषा अनुप्रयोगपरक कार्य किए जा सकेंगे।
  • यह परियोजना तीन वर्षों में छह अर्धवार्षिक चरणों में पूरी की जाएगी। परियोजना के लिए रूपये 37,92000/- संस्थान की शासी परिषद द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं।

 


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केंद्रीय हिंदी संस्थान
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अगवानी अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. अगवानी आवरण पृष्ठ 1
2. अगवानी स्वर्ण जयंती की 3
3. श्री कपिल सिब्बल संदेश 4
4. एक कविता 5
5. शुभकामना प्रो. अशोक चक्रधर 6
6. संपादकीय प्रो. के. बिजय कुमार 7
7. केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल : एक परिचय 8
8. मुख्यालय एवं केंद्र 10
9. मुख्यालय एवं केन्द्रों की गतिविधियां 14
10. शिक्षण-प्रशिक्षण एवं नवीकरण 18
11. पुरस्कार 19
12. प्रकाशन 20
13. अंतरराष्ट्रीय मानकहिंदी पाठ्यक्रम 21
14. विदेशी भाषा के रूप में हिंदी 22
15. हिंदी कॉर्पोरा परियोजना 24
16. भाषा-साहित्य सीडी निर्माण परियोजना 26
17. हिंदी लोक शब्दकोश 27
18. भव्य झांकियाँ 28
19. संस्थान की गतिविधियाँ 34
20. उद्धोधन 36
21. ज्योतित हो जन-जन का जीवन 37


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