अगवानी पृ-37

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ज्योतित हो जन-जन का जीवन
-अशोक चक्रधर
(पावरपॉइंट प्रस्तुति पर आधारित)
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केंद्रीय हिंदी संस्थान ने विगत पांच दशक में क्या कुछ किया और क्या निरंतर करता आ रहा है, यह आपको प्रो. विजय कुमार ने बताया, आइए अब हम मिलकर कल्पना करते हैं कि हमारा संस्थान और क्या-क्या कर सकता है। संस्थान के उद्देश्य अत्यंत व्यापक हैं। देश और विदेश में हिंदी के प्रचार-प्रसार से हमें जन-जन का जीवन ज्योतित करना है।

हिंदी के बारे में इन दिनों दो तरह की धारणाएँ हैं। एक धारणा कहती है कि हिंदी मर रही है। विदेशी छात्र जब हिंदी सीखने के लिए यहाँ आते हैं तो कहते हैं कि भारत में हमें हिंदी की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। महानगरों में तो सब अंग्रेज़ी बोलते हैं। कई भारतीय बुद्धिजीवी भी अब कहने लगे हैं कि हिंदी समाप्त हो रही है। दूसरी धारणा दूसरी तरह के आंकड़े लेकर सामने आती है कि हिंदी निरंतर फैल रही है, जनसंचार के सभी माध्यमों के द्वारा। सर्वाधिक तेज़ गति से फैल रही है इंटरनेट के ज़रिए। हिंदी-शिक्षण को भी इन नए माध्यमों से जोड़ना चाहिए। योगेश्वर जी ने भी इस ओर इशारा किया, फिल्मी-गीतों के ज़रिए जापान में हिंदी-शिक्षण का प्रयास किया गया। प्रो. तोमिओ मिज़ोकामी का प्रयोग अत्यंत सफल रहा।

आने वाला समय मोबाइल द्वारा ज्ञान-विस्तार का है। अपने संस्थान में हम भी मोबाइल के लिए हिंदी शिक्षण के पैकेज क्यों न बनाएँ? अवश्य बनाएंगे। मैंने पच्चीस वर्ष पहले प्रकाशित संस्थान की रजत जयंती की स्मारिका देखी। मुझे पढ़कर सुखद आश्चर्य हुआ। भाषा प्रयोगशाला, कम्प्यूटर केंद्र, दृश्य-श्रव्य कक्ष, ध्वनि-विज्ञान और मनोविज्ञान प्रयोगशालाएँ भविष्य की योजनाओं और सपनों के साथ सक्रिय थीं। पच्चीस वर्ष पहले बनाई गई योजनाओं और देखे गए सपनों को आज बहुत सरलता से पूरा किया जा सकता है। आज अनेक कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम हैं।


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अगवानी स्वर्ण जयंती की
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अगवानी अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. अगवानी आवरण पृष्ठ 1
2. अगवानी स्वर्ण जयंती की 3
3. श्री कपिल सिब्बल संदेश 4
4. एक कविता 5
5. शुभकामना प्रो. अशोक चक्रधर 6
6. संपादकीय प्रो. के. बिजय कुमार 7
7. केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल : एक परिचय 8
8. मुख्यालय एवं केंद्र 10
9. मुख्यालय एवं केन्द्रों की गतिविधियां 14
10. शिक्षण-प्रशिक्षण एवं नवीकरण 18
11. पुरस्कार 19
12. प्रकाशन 20
13. अंतरराष्ट्रीय मानकहिंदी पाठ्यक्रम 21
14. विदेशी भाषा के रूप में हिंदी 22
15. हिंदी कॉर्पोरा परियोजना 24
16. भाषा-साहित्य सीडी निर्माण परियोजना 26
17. हिंदी लोक शब्दकोश 27
18. भव्य झांकियाँ 28
19. संस्थान की गतिविधियाँ 34
20. उद्धोधन 36
21. ज्योतित हो जन-जन का जीवन 37


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