अगवानी पृ-43

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कपिल जी आज अपनी व्यस्तता के रहते नहीं आ पाए, लेकिन मैं जानता हूँ कि वे प्रौद्योगिकी के माध्यम से हिंदी का वैश्विक क्षितिज और बड़ा करना चाहते हैं।
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हम अपने कर्मचारियों को पदोन्नत करना चाहते हैं। रुकी हुई सारी योजनाओं को प्रारंभ करना चाहते हैं। दो वर्षों से हिंदी सेवी पुरस्कार रुके हुए हैं। वह समारोह भी शीघ्र संपन्न कराना है। दूरस्थ शिक्षण की पुरानी चलती हुई गतिविधियाँ अचानक रुक गई हैं। उनके मानक पूरे करके उन्हें पुन: सुचारु करना है। मंत्रालय के मित्र सभी सहयोगी हैं। उच्च शिक्षा की सचिव महोदया श्रीमती विभा पुरी दास बड़ी उदारमना हैं। डॉ. अनिता भटनागर जैन बहुत अच्छे मन की महिला हैं। वे कामों को आगे बढ़ाना चाहती हैं। आज यहाँ उपसचिव शर्मीला जी आई हुई हैं, वे निश्चित रूप से संस्थान के सपनों को साकार करने की दिशा में हमारी मदद करेंगी। मेरी कामना है कि हमारे प्रयास सकर्मक हों, कुछ निर्माण करने वाले हों, कुछ आगे बढ़ाने वाले हों। मित्रो! उन्नीस मार्च दो हज़ार ग्यारह में हमारे संस्थान को पचास वर्ष पूरे हो जाएंगे। मैंने पचास दीपक जला दिए हैं अभी से। हर दीपक में एक चेतना होगी, हिंदी की प्राणवत्ता होगी, हिंदी का माधुर्य होगा, लावण्य होगा और आत्मीयता होगी। आदान-प्रदान से अपनी संस्कृति को बाहर ले जाएंगे और केंद्रीय हिंदी संस्थान आने वाले वर्षों में हिंदी के हित में श्रेष्ठ काम करेगा। मैं अपनी हार्दिक शुभकामनाओं के साथ सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ।

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अगवानी स्वर्ण जयंती की
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केंद्रीय हिंदी संस्थान
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अगवानी अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. अगवानी आवरण पृष्ठ 1
2. अगवानी स्वर्ण जयंती की 3
3. श्री कपिल सिब्बल संदेश 4
4. एक कविता 5
5. शुभकामना प्रो. अशोक चक्रधर 6
6. संपादकीय प्रो. के. बिजय कुमार 7
7. केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल : एक परिचय 8
8. मुख्यालय एवं केंद्र 10
9. मुख्यालय एवं केन्द्रों की गतिविधियां 14
10. शिक्षण-प्रशिक्षण एवं नवीकरण 18
11. पुरस्कार 19
12. प्रकाशन 20
13. अंतरराष्ट्रीय मानकहिंदी पाठ्यक्रम 21
14. विदेशी भाषा के रूप में हिंदी 22
15. हिंदी कॉर्पोरा परियोजना 24
16. भाषा-साहित्य सीडी निर्माण परियोजना 26
17. हिंदी लोक शब्दकोश 27
18. भव्य झांकियाँ 28
19. संस्थान की गतिविधियाँ 34
20. उद्धोधन 36
21. ज्योतित हो जन-जन का जीवन 37


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