एक विहंगावलोकन पृ-12

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1981-82

हिंदी शिक्षण पारंगत (पत्राचार) पाठ्यक्रम का शुभारंभ।

1982-83

'लद्दाखी कन्वर्सेशन' एवं 'लद्दाखी ग्रामर' पुस्तकों का प्रकाशन।

1983-84

कालीकट विश्वविद्यालय के हिंदी प्राध्यावकों के लिए उच्च नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित।
स्माज-भाषाविज्ञान सर्वेक्षण विभाग की स्थापना और भाषा 'अनुरक्षण एवं भाषा विस्थापन' शोध परियोजना प्रारंभ।
संस्थान से संबद्घ प्रशिक्षण संस्थान के छात्राध्यापकों के लिए 'हिंदी भाषा शिक्षा संचेतना शिविर का आयोजन।

1984-85

अखिल भारतीय हिंदी परियोजना, वाणिज्य व्यापार की हिंदी परियोजना, औद्यौगिक प्रतिष्ठानों का समाज-भाषावैज्ञानिक परियोजनाओं का शुभारंभ।
जनजातीय भाषा एवं अनुसंधान और शिक्षण-सामग्री-निर्माण एककों की स्थापना।
भाषा प्रौद्योगिकी एवं दृश्य-श्रव्य एकक की स्थापना।
विदेशियों के लिए हिंदी शिक्षण सामग्री का निर्माण।
भाषा-विकास-प्रकल्प मुंबई के लिए संस्थान का गुजराती और मराठी भाषियों के लिए हिंदी पाठ्यक्रमों के लिए सामग्री-निर्माण और टेपांकन कार्य संपन्न।
डॉ. मारिया न्येज्येसी, बुडापेस्ट विश्वविद्यालय, हंगेरी द्वारा संस्थान में रहकर हंगेरी में हिंदी पढ़ाने के लिए शिक्षण-सामग्री विकसित की।
विश्वविद्यालय के हिंदी पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षण सामग्री-कहानी संग्रह, एकांकी संग्रह, निबंध संग्रह और काव्य संग्रह का निर्माण।
प्रयोजनमूलक हिंदी तथा समाज भाषावैज्ञानिक सर्वेक्षण एकक की स्थापना।

1985-86

मैसूर के राजकीय हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण महाविद्यालय को संस्थान द्वारा संबद्घता प्रदान।
मेघालय और अन्यू पूर्वोत्तर राज्यों की माँग पर शिलांग में केंद्र खोलने का निर्णय।
संस्थान द्वारा नागा-मिजो और मणिपुरी भाषियों के लिए उच्चारण पाठ तैयार।
आगरा मुख्यालय एवं दिल्ली केंद्र में द्विभाषिक शब्द संसाधन कंप्यूटर कक्षों की स्थापना।
'संकाय संवर्द्घन कार्यक्रम' का आयोजन।

1986-87

पूर्वोत्तर राज्यों की मांग पर शिलांग केंद्र की स्थापना।
राउरकेला, बोकारो, विशाखापट्टनम, गोवा के औद्यौगिक क्षेत्रों में मौखिक-भाषा सामग्री-संकलन और लिप्यंकन।
उत्तर प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के लिए प्रश्न-पत्र तैयार करने का कार्य।
गुजरात के प्रशिक्षण महाविद्यालय और एम.एन.डी.टी. महाविद्यालय, मुंबई के हिंदी अध्यापकों के लिए उच्च नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित।
कालीकट विश्वविद्यालय और एस.एन.डी.टी. महाविद्यालय, मुंबई के हिंदी पाठ्यक्रमों को भाषापरक बनाने के लिए पुनश्चर्या कार्यक्रमों का आयोजन।
नागालैंड़ के शिक्षा विभाग के अनुरोध पर कक्षा 5, 6, 7 एवं 8 की कक्षाओं की हिंदी पाठ्यपुस्तकों का पुनरीक्षण।
लद्दाखी परियोजना के अंतर्गत (लद्दाखी ग्रामर, कनफ्लिक्टिंग फोनोलोजिकल पैटनर्स) लद्दाखी फोनोलॉजी, लद्दाखी ग्रामर पुस्तकें प्रकाशित।


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केंद्रीय हिंदी संस्थान
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स्वर्ण जयंती 2011
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विहंगावलोकन अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. आमुख 3
2. अनुक्रमणिका 4
3. केंद्रीय हिंदी संस्थान के पचास वर्ष 7
4. संस्थान एक परिचय 17
5. नये युग में प्रवेश 25
6. शिक्षण कार्यक्रम 29
6. शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम 34
7. शोध और सामग्री निर्माण 38
8. संस्थान प्रकाशन 41
9. प्रसार कार्यक्रम 44
10. हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय भूमिका 49
11. आधारिक संरचनाएँ 53
12. स्वर्ण जयंती वर्ष : कुछ नए संकल्प 56
13. संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र दिल्ली 61
14. हैदराबाद 70
15. गुवाहाटी 75
16. शिलांग 78
17. दीमापुर 82
18. मैसूर 84
19. भुवनेश्वर 87
20. अहमदाबाद 90
वैयक्तिक औज़ार

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