एक विहंगावलोकन पृ-29

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अध्याय-3
शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम


हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप मे स्वीकार करते समय संविधान ने ही अपने अनुच्छेद 351 में हिंदी के विकास के लिए कुछ निर्देश सिद्धान्त दिए हैं, जिन्हें निम्नलिखित रूप से समझा जा सकता है-

  1. हिंदी भाषा का विकास व प्रसार करना।
  2. भारत की सामाजिक संस्कृतियों के सभी तत्वों को आत्मसात करते हुए उसे राष्ट्रीय अभिव्यक्ति का माध्यम बनाना।
  3. हिंदुस्तानी और संविधान की अष्टम सूची में उल्लिखित भारतीय भाषाओं के तत्वों को आत्मसात कर हिंदी के शब्द भंडार को विकसित करना, जिससे हिंदी आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, प्रौद्योगिकी, व्यापार, वाणिज्य आदि की राष्ट्रीय स्तर पर अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके।

इसी विचारधारा को दृष्टि में रखते हुए केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल ने अपने केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना की और उसके प्राकार्यों को निम्नलिखित रूप में प्रकाशित किया-

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  1. शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर हिंदी-शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना, जिससे वह सभी विषयों के शिक्षण की माध्यम भाषा के रूप में कार्य कर सके।
  2. हिंदी शिक्षकों के प्रशिक्षण के स्वरूप को आवश्यकतानुसार परिवर्तित कर शिक्षक-प्रशिक्षण के कार्यक्रमों में समुचित सुधार करना।
  3. हिंदी भाषा और साहित्य का उच्च-स्तरीय अध्ययन करना।
  4. विभिन्न भारतीय भाषाओं के साथ हिंदी भाषा और साहित्य का तुलनात्मक और व्यतिरेकी अध्ययन करना।
  5. विभिन्न विषयों के शिक्षण के लिए हिंदी को सक्षम बनाने की दृष्टि से आवश्यक अनुसंधान और शोध के कार्यक्रम संचालित करना।
  6. अनुसंधान और शोध के परिणामों को दृष्टि में रखते हुए हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण के पाठ्यक्रमों में आवश्यक सुधार करना और तद्नुसार नवीन शिक्षण समाग्री का विकास करना और हिंदी का प्रसार-प्रचार करना, जिससे संविधान के अनुच्छेद 351 के अनुरूप हिंदी भाषा का विकास और प्रसार-प्रचार किया जा सके।


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केंद्रीय हिंदी संस्थान
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स्वर्ण जयंती 2011
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विहंगावलोकन अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. आमुख 3
2. अनुक्रमणिका 4
3. केंद्रीय हिंदी संस्थान के पचास वर्ष 7
4. संस्थान एक परिचय 17
5. नये युग में प्रवेश 25
6. शिक्षण कार्यक्रम 29
6. शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम 34
7. शोध और सामग्री निर्माण 38
8. संस्थान प्रकाशन 41
9. प्रसार कार्यक्रम 44
10. हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय भूमिका 49
11. आधारिक संरचनाएँ 53
12. स्वर्ण जयंती वर्ष : कुछ नए संकल्प 56
13. संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र दिल्ली 61
14. हैदराबाद 70
15. गुवाहाटी 75
16. शिलांग 78
17. दीमापुर 82
18. मैसूर 84
19. भुवनेश्वर 87
20. अहमदाबाद 90
वैयक्तिक औज़ार

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