एक विहंगावलोकन पृ-44

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अध्याय-7
प्रसार कार्यक्रम

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केंद्रीय हिंदी संस्थान का प्रमुख उद्देश्य हिंदी भाषा से संबंधित शिक्षण-प्रशिक्षण और शोध कार्यों को संपन्न करना है। इस उद्देश्य से संस्थान अपना शैक्षिक कार्यक्रम चलाता है, उनके लिए सामग्री निर्माण करता है, अखिल भारतीय स्तर पर विविध स्तरों पर अध्यापकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करता है और उन सबके संचालन में भाषा संसाधनों, साहित्य, शिक्षा, मनोविज्ञान तथा संबंधित विषय क्षेत्रों में विविध स्तर पर शोध कार्य का आयोजन करता है। किसी भी संस्था की कार्य योजना में प्रसार कार्यक्रमों का उतना ही महत्त्व है, जितना उसके अपने कार्यक्रमों का। संस्था जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए काम करती है, उनसे संबंधित अन्य कार्यकाल मुख्य कार्य को बल देते हैं, उसकी दिशा निर्धारित करते हैं और संसाधनों की सृष्टि करते हैं।

हिंदी भाषा की विविध भूमिकाओं के संदर्भ में बहुत-सी संस्थाएँ हिंदी का कार्य करती हैं और अपने कार्य में वे संस्थान के अनुभव, विस्तृत मानव संसाधन और विशेषज्ञता का लाभ उठाते हैं। अन्य संस्थाओं को परामर्श देना संस्थान का एक प्रमुख कार्य क्षेत्र रहा है। संस्थान ने 1970 में गहन हिंदी शिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया और उसके लिए पाठ्य सामग्री का निर्माण कर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा उसे प्रकाशित किया गया। सन 1986 में यह कार्यक्रम केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान को सौंप दिया गया। संस्थान का कार्यक्रम तीन महीने की अवधि का था, जबकी केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्ष भर का, लेकिन कम समय का था। इसी कारण प्रशिक्षण संस्थान की उपयोगिता, नई सामग्री की आवश्यकता अनुभव हुई और संस्थान राजभाषा विभाग के अनुरोध पर संस्थान के तीन पाठ्यक्रमों, यथा प्रबोध, प्रवीण, तथा प्राज्ञ के लिए सामग्री निर्माण का कार्य संपन्न किया और उसके अध्यापन के लिए केद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्था के प्राध्यापकों को अखिल भारतीय स्तर पर प्रशिक्षित किया।

संस्थान के प्रसार कार्यक्रमों को हम तीन प्रमुख क्षेत्रों के रूप देख सकते हैं-

क. अतिरिक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन

ख. क्षेत्र से जुडे़ व्यक्तियों का सम्मान और उन्हें सहयोग देना

ग. अपने अनुभवों का लाभ दूसरी संस्थाओं को पहुँचाना


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केंद्रीय हिंदी संस्थान
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विहंगावलोकन अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. आमुख 3
2. अनुक्रमणिका 4
3. केंद्रीय हिंदी संस्थान के पचास वर्ष 7
4. संस्थान एक परिचय 17
5. नये युग में प्रवेश 25
6. शिक्षण कार्यक्रम 29
6. शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम 34
7. शोध और सामग्री निर्माण 38
8. संस्थान प्रकाशन 41
9. प्रसार कार्यक्रम 44
10. हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय भूमिका 49
11. आधारिक संरचनाएँ 53
12. स्वर्ण जयंती वर्ष : कुछ नए संकल्प 56
13. संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र दिल्ली 61
14. हैदराबाद 70
15. गुवाहाटी 75
16. शिलांग 78
17. दीमापुर 82
18. मैसूर 84
19. भुवनेश्वर 87
20. अहमदाबाद 90
वैयक्तिक औज़ार

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