एक विहंगावलोकन पृ-53

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अध्याय-9
आधारिक संरचनाएँ


भवन

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सन 1960 में आगरा में स्थापना के समय संस्थान विजय नगर कॉलोनी के एक भवन में संचालित होता था। उसी भवन में शिक्षण कार्य होता था और उसी में छात्रावास और पुस्तकालय भी स्थित थे। सन 1963 में छात्रों की संख्या बढ़ने के पश्चात छात्रावास अन्य किराए के भवनों में चलने लगे। निदेशक कार्यालय भी गांधी भवन के एक किराए के भवन में स्थानान्तरित हो गया।

सन 1965 में न्यू आगरा में एक बड़ा भवन किराए पर लिया गया, जिसमें संस्थान के शिक्षण कार्यक्रम, पुस्तकालय और निदेशक कार्यालय स्थापित हो गए। पुरुष और महिला छात्रावासों को छह-सात किराए के भवनों में संचालित किया जाने लगा। बाद में महिला छात्रावास न्यू आगरा में किराए पर मिल गया और कई भवनों में चलने वाले महिला छात्रावास इस भवन में शिफ्ट हो गए।

सन 1964 में संस्थान ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की सहायता से नेशनल हाईवे के समीप 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया। सन 1966 में इस जमीन का कब्जा संस्थान को मिला। यह भूमि दो भागों में थी, जिसके बीच से शीतला रोड निकलती थी। निर्माण के लिए भारत सरकार से स्वीकृति नहीं मिली। फिर भी संस्थान ने भूमि पर चहार दीवारी का निर्माण करा दिया। चहार दीवारी बनवाने के बाद संस्थान ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से संस्थान की आवश्यकता के अनुसार सारे भवनों का नक्शा बनवाया। सन 1970 में इसका व्यय आकलन रूप 1.20 करोड़ का था। इस बीच आगरा विकास प्रधिकरण ने नक्शे पर आपत्ति उठा दी। उनके अनुसार आगरा के मास्टर प्लान के अन्तर्गत संस्थान की भूमि का एक भाग ग्रीन बेल्ट के अन्तर्गत है, अत: उस पर निर्माण कार्य नहीं हो सकता है। इस परिस्थिति में संस्थान ने राज्य सरकार के शहरी निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से संस्थान की भूमि को ग्रीन बेल्ट से मुक्त कराने के संबंध में पत्र व्यवहार प्रारम्भ किया और साथ ही जो भूमि ग्रीन बेल्ट से मुक्त थी, उस पर प्राथमिकता के आधार पर (1) शिक्षण-प्रशिक्षण विभाग, (2) पुस्तकालय और (3) प्रशासनिक विभाग के भवन पहले निर्मित कराने का निश्चय किया गया। इन भवनों के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के चीफ आर्किटेक्ट से नक्शा और एस्टीमेट बनवाए गए। रू. 32,07,300/- का एस्टिमेट बना, जिसे भारत सरकार द्वारा स्वीकृति भी प्रदान कर दी गयी। सत्र 1979-80 में भवन बनकर तैयार हो गया और 1980 में संस्थान का शिक्षण-प्रशिक्षण विभाग, पुस्तकालय और प्रशासनिक विभाग अपने नए भवन में शिफ्ट हो गए तथा कई भवनों में बिखरे पुरुष छात्रावास भी संस्थान द्वारा खाली किए गए किराए के भवन में स्थानान्तरित हो गए। इसके पश्चात महिला छात्रावास का भवन और निदेशक निवास का निर्माण भी हो गया।


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केंद्रीय हिंदी संस्थान
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विहंगावलोकन अनुक्रम
क्रमांक लेख का नाम पृष्ठ संख्या
1. आमुख 3
2. अनुक्रमणिका 4
3. केंद्रीय हिंदी संस्थान के पचास वर्ष 7
4. संस्थान एक परिचय 17
5. नये युग में प्रवेश 25
6. शिक्षण कार्यक्रम 29
6. शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम 34
7. शोध और सामग्री निर्माण 38
8. संस्थान प्रकाशन 41
9. प्रसार कार्यक्रम 44
10. हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय भूमिका 49
11. आधारिक संरचनाएँ 53
12. स्वर्ण जयंती वर्ष : कुछ नए संकल्प 56
13. संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र दिल्ली 61
14. हैदराबाद 70
15. गुवाहाटी 75
16. शिलांग 78
17. दीमापुर 82
18. मैसूर 84
19. भुवनेश्वर 87
20. अहमदाबाद 90
वैयक्तिक औज़ार

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