गवेषणा 2011 पृ-58

ज्ञानकोश से
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सेमेस्टर 2.2
पेपर 7 : IT.3 सुबोध अनुवाद (इंटेलीजेंट ट्रांसलेशन) एवं संप्रेषण जांच
पेपर 8 : मीडिया जनसंचार एवं विज्ञापनिक हिंदी
पेपर 9 : दूरदर्शन, रेडियो और प्रकाशन केन्द्रों का प्रशिक्षण-भ्रमण


सेमेस्टर 3.1
पेपर 9 : आशु अनुवाद (इंटरप्रेटेशन) (संक्षेपण, विस्तारण, संपादन, चर्चा-सार)
पेपर 10 : स्व-व्यवसाय प्रशिक्षण (एँट्रेप्रेन्यूरशिप प्रोजेक्ट योजना)
प्रोजेक्ट : कार्यालयीन, वाणिज्यिक, तकनीकी, मीडिया, जनसंचार-हिंदी लेखन अनुवार-अनुसृजन की केस स्टडी


सेमेस्टर 3.2
पेपर 11 : कंटेंट क्रिएशन, शब्द-संहिता (लेक्सिकॉंन) अनुवाद प्रारूप और शैली सुधार
पेपर 12 : IT.4 इंडस्ट्री मे ट्रेनिंग (क्षेत्र-विशेष में टिप्पणी, प्रतिवेदन, अनुवाद, संप्रेषण क्षमता)
प्रोजेक्ट : हिंदी वयवहार तंत्र डिजायन पर थीसिस (पेपर 12 के आधार पर डेटा का विश्लेषण, सिस्टम (तंत्र) डिजायन और कंप्यूटर से रिपोर्ट)

एम.ए. (प्रयोजनमूलक हिंदी) का पाठ्यक्रम

बी.ए. के बाद एम.ए. की उच्च शिक्षा पाने का भी प्रावधान हो। प्रयोजनमूलक हिंदी मे बी.ए. की शिक्षा देने वाले कॉलेजों की कुल संख्या की 20 प्रतिशत संख्या के कॉलेजों मे प्रयोजनमूलक हिंदी में एम.ए. के प्रशिक्षण की भी सुविधा उपलब्ध हो। IT.1 का पूर्व ज्ञान अपेक्षित है। एम.ए. (प्रयोजनमूलक हिंदी) का पाठ्यक्रम इस प्रकार प्रस्तावित है:


सेमेस्टर 1.1
पेपर 1 : कार्यालयी, वाणिज्यिक, तकनीकी और जनसंचार हिंदी
पेपर 2 : IT.2 प्रौद्योगिक विहंगम परिचय और केस स्टडी का तुलनात्मक अध्ययन


सेमेस्टर 1.2
पेपर 3 : IT.3 अनुवाद/अनुसृजन केस स्टडी
पेपर 4 : आशु अनुवाद केस स्टडी
प्रोजेक्ट : हिंदी व्यवहार में अनुवाद/ लेखन की संप्रेषणीयता का मापन


सेमेस्टर 2.1
पेपर 5 : अंतर्राष्ट्रीय राजनयिक और व्यवहार अनुबंध
पेपर 6 : IT. योजित भाषा शिक्षण, अनुवाद एवं लेखन


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गवेषणा 2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
आवरण पृष्ठ आवरण
पूर्वपीठिका अशोक चक्रधर 5
यह अंक के. बिजय कुमार 9
संपादकीय महेन्द्र सिंह राणा 11
प्रयोजनमूलक हिंदी के विविध रूप
प्रयोजनमूलक हिंदी: स्वरूप और संरचना रवि प्रकाश गुप्त 15
प्रयोजनमूलक हिंदी: विकास के कारण उर्मिल शर्मा 20
प्रयोजनमूलक हिंदी: वैज्ञानिक और तकनीकी भाषा रूप जसपाली चौहान 27
हिंदी भाषा और प्रौद्योगिकी: विविध संभावनाएं एवं चुनौतियां शेफाली चतुर्वेदी 40
व्यापक प्रौद्योगिकी और प्रयोजनमूलक हिंदी ओम विकास 49
हिंदी भाषा, प्रयोजनमूलक हिंदी और बाजार श्रवण कुमार मीणा 63
हिंदी: वाणिज्य और व्यापार की भाषा कृष्ण कुमार गोस्वामी 68
हिंदी मीडिया की भाषिकी सुवास कुमार 72
पत्र-पत्रिकाओं द्वारा हिंदी भाषा का स्वरूप परिवर्तन सतीश शर्मा ‘जाफरावादी’ 80
जनसंचार माध्यमों के विज्ञापन में हिंदी गोविन्द स्वरूप गुप्त 86
मीडिया की हिंदी दुर्गेश नंदिनी 89
संपर्क भाषा के रूप में हिंदी की भूमिका जितेन्द्र कुमार सिंह 92
हिंदी: संपर्क भाषा की एक जीवंत परम्परा व्यासमणि त्रिपाठी 99
वैश्वीकरण के दौर में हिंदी का स्वरूप मनोज पांडेय 104
सांस्कृतिक अस्मिता के संदर्भ में हिंदी के विविध रूप एल.सुनीता राय 107
हिंदी भाषी समाज में कोड परिवर्तन का रूप सुमेधा शुक्ला 116
भाषा और जन-विसर्जन लालसा लाल तरंग 121
हिंदी भाषा: वर्तमान परिदृश्य सुनीता रानी घोष 129
व्याकरण-विचार
विद्रूपित होती हिंदी वर्तनी लक्ष्मी नारायण शर्मा 137
स्थाननाम और संबंधित शास्त्र प्रियंका सिंह 151
साहित्य-चिंतन
काव्य-भाषा में अस्मिता की खोज आई.एन. चंद्रशेखर रेड्डी 158
साहित का स्वराज बनाम विचारों का उपनिवेश प्रकाश साव 167
इस अंक के रचनाकारों के पते 175
सदस्यता फार्म 177
अंतिम पृष्ठ अंतिम पृष्ठ
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