विभा पुरी दास

ज्ञानकोश से
यहां जाएं: भ्रमण, खोज
विभा पुरी दास
सचिव
VIBHA PURI DAS

SECRETARY
फाईल नं. 6-1/2011 एल-1
दिनांक 23 मार्च, 2011

Emblem-of-India.png

भारत सरकार

मानव संसाधन विकास मंत्रालय
उच्चतर शिक्षा विभाग
शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110115
GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF HUMAN RESOURCE DEVELOPMENT
DEPARTMENT OF HIGHER EDUCATION
128 ‘C’ Wing, Shastri bhavan, New Delhi-110115
TEL : 2336651, 23382698 FAX : 23385807
E-mail : [email protected]


संदेश

Vibha-puri-das.jpg
यह हर्ष का विषय है कि केंद्रीय हिंदी संस्थान अपनी संस्थापना के 50 वर्ष पूर्ण कर स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन कर रहा है। इस अवसर पर एक स्मारिका का प्रकाशन भी किया जा रहा है। जहाँ संविधान के अनुच्छेद 343 के अंतर्गत हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिलने के उपरांत संघ सरकार के लिए यह आवश्यक हो गया कि हिंदी को संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अधिक से अधिक सरकारी प्रयोग में लाया जाए, वहीं अनुच्छेद 351 के अनुपालन की दिशा में हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं विकास के लिए केंद्रीय हिंदी संस्थान के विविध कार्यक्रम अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहे हैं। हिंदी का प्रचार-प्रसार भारतीय हिंदीतर भाषियों तथा विदेशियों द्वारा हिंदी अपनाने के कारण तेजी से हो रहा है। केंद्रीय हिंदी संस्थान का हिंदी प्रसार में विशिष्ट योगदान है।

मुझे आशा है कि संस्थान की स्मारिका में न केवल हिंदी की गतिविधियाँ एवं उपलब्धियों का परिचय मिलेगा अपितु संस्थान की इस दिशा में सोच, नए परिप्रेक्ष्य और प्रसार के नवीन साधन एकत्रित होकर पाठक को मिलेंगे।

मैं स्मारिका के प्रकाशन तथा समारोह की सफलता के लिए शुभकामनाएँ देती हूँ।
(विभा पुरी दास)

Smarika.png

Khs-logo-001.png


पीछे जाएँ
आगे जाएँ

क्रमांक लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
1. हिंदी वैकल्पिक हो गई है प्रो. रमानाथ सहाय 1
2. परिवर्तन और नए विश्वास....! प्रो. शंभुनाथ 3
3. जिन खोजा तिन पाइयाँ प्रो. सूरजभान सिंह 8
4. भाषा अध्ययन की नई प्रवृत्तियाँ प्रो. सुरेश कुमार 9
5. अनंत संभावनाएं....! प्रो. नित्यानंद पाण्डेय 12
6. आखिर आगरा क्यों? डॉ. न. वी. राजगोपालन 6
7. कम्प्यूटर-युग प्रो. माणिक गोविन्द चतुर्वेदी 19
8. हिंदी की ज्योति प्रो. वी. रा. जगन्नाथन 21
9. सर्वप्रथम पुरस्कार डॉ. बालशौरी रेड्डी 24
10. जापान में संस्थान प्रो. सुरेश ऋतुपर्ण 26
11. नाश्ता मुझे आज भी याद है डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा 29
12. एक वैश्विक उपस्थिति डॉ. हरजेन्द्र चौधरी 32
13. भेंट करायी.... हिंदी ने ए. अरविंदाक्षन 34
14. जहाँ हिंदी अपनी भूमि पर निश्चिंत होकर साँस लेती है... रंजना अरगड़े 38
15. श्रीलंका की पाती...! प्रो. इन्द्रा दसनायके 40
16. स्मृति के गलियारों से डॉ. मोहन लाल सर 44
17. लेखा - जोखा प्रो. अश्वनी कुमार श्रीवास्तव 49
18. बात करने का सलीका डॉ. अर्जुन तिवारी 51
19. जिम्मेदारी बढ़ती चली गई कैलाश चन्द भाटिया 53
20. पूर्वोत्तर भारत के वे दिन डॉ. पुष्पा श्रीवास्तव 55
21. आनंद की अनुभूति प्रो. पीतांबर ठासवाणी 59
22. सफर का सफरनामा डॉ. अरविंद कुलश्रेष्ठ 60
23. ऋण समिति का गठन डॉ. लक्ष्मी नारायण शर्मा 62
24. अब तुम्हारे हवाले शंकर लाल पुरोहित 63
25. नमन! उषा यादव 64
26. इंद्रधनुषी स्मृतियाँ डॉ. रश्मि दीक्षित 65
27. एक मुलाकात ने मेरा भाग्य ही बदल डाला प्रो. ठाकुर दास 67
28. यादों की बारात डॉ. श्रीभगवान शर्मा 69
29. पास-पड़ोस प्रो. राजेश्वर प्रसाद 71
30. आशा का अनुबंध डॉ. बी. रामसंजीवय्या 72
31. 'वसुधैव कुटुम्बकम' डॉ. रामलाल वर्मा 73
32. दूसरा आँगन डॉ. कान्तिभाई सी. परमार 75
33. जब पढ़ने आया प्रो. लक्ष्मन सेनेविरत्न 78
34. पहला शेकहैंड! डॉ. बालेन्दु शेखर तिवारी 80
35. सीखने के दिन! डॉ. जीतेन्द्र वर्मा 82
36. एक छोटा विश्व चक्रधर शतपथी 84
37. कुल 365 दिन डॉ. ऋषि भूषण चौबे 85
38. जब छात्र था विट्ठलनारायण चौधरी 87
39. हिंदी का विश्वरूप अजयेंद्रनाथ त्रिवेदी 89
40. मेरे कैमरे से! डॉ. सत्यनारायण गोयल 'छविरत्न' 91


वैयक्तिक औज़ार

संस्करण
क्रियाएं
सुस्वागतम्
सहायता