हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 पृ-11

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आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो...!

वासुदेव (ट्रिनिडाड)
कक्षा-200
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मेरे देश का नाम ट्रिनिडाड है। वास्तव में इसमें दो द्वीप हैं। दूसरे द्वीप का नाम टुबेगो है। इसीलिए मेरे देश का सही और पूरा नाम ट्रिनिडाड और टुबेगो है। सन 1948 में स्पेनी अन्वेषक 'क्रिस्टोफर कोलबंस' ने उसकी तीसरी यात्रा पर ट्रिनिडाड की खोज की थी। अपने जहाज से, उसने तीन चोटियों के एक पहाड़ को देखा। उसने द्वीप का नाम दिया है 'ला ट्रिनिटी'। इस तरह देश का नाम 'ट्रिनिडाड' बन गया।

ट्रिनिडाड पर स्पेनिश राजा ने सन 1797 तक शासन किया। उस समय अंतिम स्पेनिश राज्यपाल "डॉन जोसे मारिया शाकाँ’ अंग्रेज़ों से हार गया था। ट्रिनिडाड सन 1962 तक अंग्रेज़ी शासन में रहा, फिर इंग्लैंड से स्वतंत्रता मिली। सन 1976 में ट्रिनिडाड एक गणतंत्र देश बना। ट्रिनिडाड का क्षेत्रफल लगभग 5000 वर्ग किलोमीटर है, जो दिल्ली और गोवा को संयुक्त करने से बनता है। ट्रिनिडाड वेस्ट इंडीज में स्थित है। दक्षिण अमरीका के ठीक ऊपर वेनेजुएला के पास है। इसकी राष्ट्रीय भाषा अंग्रेज़ी है और भारत की तरह इसकी सरकार वेस्टमिस्टर शैली की है। यह भूमध्य रेखा के निकट स्थित होने के कारण यहाँ कोई बर्फ या या ठंडा मौसम नहीं होता। यहाँ के दो मुख्य मौसम हैं। वर्ष के पहले छह महीने धूप रहती है तो अगले छह महीने बरसात। तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 34 तक रहता है।

ट्रिनिडाड का भूगोल मुख्य रूप से मैदानी और निचली पहाड़ियों वाला है। इस द्वीप के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी किनारों पर मनोरम समुद्री तट हैं। पश्चिम की ओर गहरे पानी वाले प्राकृतिक बंदरगाह हैं। ट्रिनिडाड में कभी-कभी कुछ भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएँ होती हैं। ट्रिनीडाड तूफानी क्षेत्र में भी आता है, हालांकि हाल के वर्षों में कोई तूफान नहीं आया। ट्रिनिडाड में भारी वर्षा के कारण बाढ़ भी आती है। ट्रिनिडाड को पेट्रोलियम का आशीर्वाद मिला हुआ है। इसीलिए यह एक मजबूत ऊर्जा का क्षेत्र है। जिससे यहाँ कई बहुराष्ट्रीय तेल और गैस कंपनियाँ संचालित होती हैं। यहाँ से ऊर्जा उत्पाद, जैसे प्राकृतिक गैस और पेट्रो रसायन, उर्वरक और इस्पात का निर्यात किया जाता है। इसके अलावा यहाँ कई बैंक और बीमा कंपनियाँ हैं, जिनकी अन्य केरेबियाई द्वीपों में शाखाएँ हैं। ट्रिनिडाड भी कुछ कृषि संबंधी उत्पाद निर्यात करता है।

ट्रिनिडाड में लगभग 14-15 लाख लोग रहते हैं। इससे 40% भारतीय लोग और 40% अफ्रीकी लोग हैं। शेष लोगों में चीनी, सीरिया और स्वदेशी लोग हैं। इनमें 25% हिन्दू, 6% मुसलमान और शेष ईसाई हैं। हमारा राष्ट्रीय आदर्श वाक्य "एक साथ हम चाहेंगे, एक साथ हम पायेंगे" है। ट्रिनिडाड में अनेक धार्मिक और राष्ट्रीय छुट्टियाँ हैं। दीपावली, ईद उल फितर, क्रिसमस, गुड फ्राइडे और ईस्टर सोमवार धार्मिक छुट्टियाँ हैं। यहाँ स्वतंत्रता दिवस 31 अगस्त को मनाया जाता है और गणतंत्र दिवस 24 सितंबर को मनाया जाता है। श्रम दिवस 19 जून को मनाया जाता है। यहाँ मातृ दिवस और पितृ दिवस भी मनाया जाता है। अन्य विशेष दिन होली और कार्निवल भी इसमें शामिल हैं।

ट्रिनिडाड कार्निवाल समारोहों का घर है। कार्निवाल का 'पृथ्वी के सबसे बड़े तमाशे' के रूप में वर्णन किया गया है। यह कार्निवाल ईसाइयों की छुट्टी 'कार्पस क्रिस्ति' से चालीस दिन पहले आयोजित किया जाता है। कार्निवाल सोमवार और मंगलवार को मनाया जाता है। इन दिनों में लोग सुंदर वेशभूषा पहनते हैं। वे सड़कों पर स्वदेशी संगीत ('कलिप्सो') के साथ नृत्य करते हैं। इसकी तैयारी करने के लिए कई महीने पहले सुंदर परिधान बनाते हैं। हर साल के उत्सव के लिए कई नए केलिप्सो बनाते रहे हैं। इन्हें सर्वश्रेष्ठ केलिप्सो और सर्वश्रेष्ठ पोशाक के लिए पुरस्कार भी दिये जाते हैं। राजा और रानी को कार्निवाल का ताज भी पहनाया जाता है। अगले दिन 'ऐश बुधवार' से धार्मिक ईसाई अपने 40 दिन का उपवास शुरू करते हैं।

ट्रिनिडाड में कई सालों से लोगों की भारतीय संस्कृति के प्रति रूचि बढ़ी है। यहाँ भारतीय उच्चायोग हिन्दी और भारतीय शास्त्रीय संगीत की कक्षाएँ आयोजित करता है। इसके अलावा अन्य संगठनों, जैसे 'भारतीय विद्या संस्थान' या बीवीएस भारतीय संस्कृति का प्रचार करते हैं। 1966 में प्रोफेसर 'हर शंकर आदेश' से बीवीएस स्थापित किया गया। वे भारत से ट्रिनिडाड के भारतीय उच्चायोग में काम करने आये थे। ट्रिनिडाड में बीवीएस के कई केंद्र हैं, जैसे श्री आदेश आश्रम, सरस्वती विद्यालय, जीवन ज्योति विद्यालय और गुरुदेव शिक्षा निकेतन। ये केंद्र भी हिन्दी, गायन संगीत, हारमोनियम, सितार, बाँसुरी, तबला, ढोलक और वायलिन सिखाते हैं। अब तक दस हजार से ज्यादा छात्रों ने इन कक्षाओं में भाग लिया है। जो छात्र इन कक्षाओं में पढ़ते हैं, वे भारतीय संगीत में 'बीए' की डिग्री ('बैचलर ऑफ आर्ट्स) ले सकते हैं। ट्रिनिडाड की इन कक्षाओं के माध्यम से विशुद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीत के कई स्नातक बन पाए।

जुलाई 2010 ट्रिनिडाड की केंद्रीय सरकार के चुनाव में, एक नयी प्रधानमंत्री चुनी गयी थीं। उनका नाम श्रीमती 'कमला प्रसाद बीसेसर' था। ये ट्रिनिडाड में भारतीय मूल की पहली महिला हैं, जो इस पद पर हैं। ट्रिनिडाड को इस उपलब्धि पर बहुत गर्व है।

ट्रिनिडाड शांतिपूर्ण और समृद्ध देश है। यहाँ के निवासियों को लगता है कि वे ट्रिनिडाड में रहने से भाग्यशाली हैं और उन्हें ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त है। सुंदर वातावरण और सुंदर लोगों के कारण ट्रिनिडाड सचमुच पृथ्वी पर एक स्वर्ग है। यही कारण है कि हम लोग मजाक में कहते हैं कि "भगवान ट्रिनिडाड वासी हैं।"


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हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
हिन्दी लोक-नाटक तक्षिला मेंडिस 6:1
मेरा जन्म दिन बोल्द 6:2
होरी और मृत्यु... तक्षिला मेन्डिस 7:1
कैसे छोडूँ? 7:2
सिंहली लोक साहित्य विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 8
प्यार का गुलशन आदम 9:1
ऋणी हूँ मैं विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 9:2
मेरा तुर्कमेनिस्तान आगान्थाजोवा शैकेर 10:1
देना: सबसे बड़ा सुख आगान्थाजोवा शैकेर 10:2
आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो.....! वासुदेव 11
रूस में क्रिसमस वाल्या पोगोदीना 12
हमारी अपेक्षा..... अदुम इद्रीस अदुम 13
मधुरानी (अनुवादित रचना) तुरेब अबूज़र 14:1
ताजिकी (मूल रचना) जोनी शिरीन 14:2
भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता के.वी.जे. कोषली 15:1
मैं चला जाता हूँ 15:2
गरीब साजन 15:3
मंगोलिया उंदरमा 16
मेरी यात्रा बेसुजीन 17
मेरी जिंदगी में भारत उमीदा 18
क्षणिकाएँ.... उमीदा 19:1
जापान की कथा यूकी तामागावा 19:2
चाड को जानिए नूर ब्राहीम 20
रूसी साहित्य अन्ना स्तेपानोवा और वाल्या पोगोदीना 21
सिरिलिक लिपिक याना यार्वोस्काया 22:1
जाना है मुझे कौशल्या समली 22:2
शोध क्या है? कौशल्या समली 23
म्याँमार (बर्मा) में भारतीयों की स्थित : कल और आज राकेश 24
हैदर अलीयेव मिरज़ायेवा साईदा 25
म्याँमार देश (बर्मा) के प्रमुख सांस्कृतिक त्यौहार राकेश 26
मेरा शहर उलानबाथर नारनतुया 27
अर्मेनिया मनात्साकानयान नारिने 28
तुम्हारी दोषी हूँ मनात्साकानयान नारिने 29
हंगरी को पहचानिए बैआता यकुशोब्स्कि 30
राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी बैआता यकुशोब्स्कि 31
मेरी भारत यात्रा वितावात रेक्ताविलजय 32:1
मेरा देश वितावात रेक्ताविलजय) 32:2
मेरी गोवा यात्रा अलगिरमा 33:1
मैं और भारत ओन्द्रह 33:2
मेरा देश कोरिया शिनजोंग 34
चीनी ड्रम मंदिग 43
‘मेरी दीवाली’ जंग यांग ए 44
भाषा सीखने का शौक श्रीमती समर बारी 45:1
मेरा देश मिस्त्र श्रीमती समर बारी 45:2
मर्जीशोर के त्योहार रालूका 46
‘श्रीमती देवी’ मिर्चआ ऐलियादे की नज़र में रालूका 47
चीनी नया साल और लाल बसंत चांग लू 48
मुझे तड़पाया-अनुदित रचना मोहम्मद खालिद 49:1
हर चा व जुरावलम पश्तो-मूल रचना मोहम्मद खालिद 49:2
अफगानिस्तान। मोहम्मद खालिद 50
रूसी भाषा वियोलेता 51
बर्फीली गुड़िया (रूसी कहानी) वियोलेता 52
सुहाग सुराजिनी दिसानायक 54
मेरी भारत यात्रा– जीवन की सुहानी यात्रा सुराजिनी दिसानायक 55
कुछ नहीं बदला सुराजिनी दिसानायक 56:1
चलिए, कोई बात नहीं सुराजिनी दिसानायक 56:2
तुर्की भाषा जानान एर्देमीर 57:1
सूर्य की देवी आसूमी तानाका 57:2
हिन्दी प्रेमी–श्रीमती इंद्रा दसनायक इंद्राकुमारी दसनायक 58
थ्रेशन लोग रोसित्सा 59
चालाक पेतर और दो झूठे रोसित्सा 60
मंगोलिया का राष्ट्र ध्वज मुन्ह–एतेनि 61
भाषा सीखना चीका ओगुरी 62
बाल्कन देशों का खान-पान गालेना त्स्वेत्कोवा 63
रोमन लिपि काया ब्रिक्स 65
सूरज सुगन्धि मधुभाषिनी 66:1
दिल का बाग सुगन्धि मधुभाषिनी 66:2
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ 67
विभाग के सदस्यों की सूची 69
वार्षिक प्रतिवेदन 70
विभागीय सेमिनार का प्रतिवेदन (सत्र 2010–2011) 71
छात्र सूची 2010-11 73
वैयक्तिक औज़ार

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सुस्वागतम्
सहायता