हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 पृ-15:1

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भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता

के.वी.जे. कोषली (श्रीलंका)
कक्षा-200
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श्री जेम्स प्रिन्सेप जिसने ब्राह्मी लिपि पहली बार पढ़ी, उसे एक बड़ी समस्या थी। वह समस्या यह है कि इन लिपियों में होने वाली 'देवानर्यापय' उपाधि किस राजा की उपाधि थी। भारत के कई स्थलों में मिलने वाली ऐसी लिपियों में यह नाम देखे जा सकते हैं। लेकिन इस नाम से किस राजा का परिचय मिलता है, यह नहीं मालूम पड़ता।

कई सालों के बाद यह पता लगा कि देवानर्यापय कौन है? कैसे पता लगा, यह बड़ी आश्चर्य की बात है। श्री लंका में 'महावंश' नामक एक ऐतिहासिक पुस्तक है। इस पुस्तक में श्रीलंका के लगभग दो हज़ार साल के इतिहास के बारे में लिखा गया है। यह पुस्तक पालि भाषा में लिखी गयी थी। श्री लंका में अंग्रेज़ों का शासन आरंभ होने के बाद अंग्रेज़ी विद्वान लोगों का ध्यान इस पुस्तक की ओर गया। क्योंकि उन लोगों ने इस पुस्तक का महत्व अच्छी तरह समझा। इसके बाद महावंश का अंग्रेज़ी में अनुवाद हुआ। महावंश के पढ़ने में ज्यादातर लोगों की दिलचस्पी थी। श्री जॉर्ज टर्नर उन लोगों में से एक थे। वह एक दिन एक बड़ी बैठक में महावंश के बारे में एक भाषण दे रहे थे। श्री लंका के राजा तिस्स के बारे में बोलने लगे। उसने कहा कि भारत के राजा देवानर्यापय अशोक और श्री लंका के राजा तिस्स अच्छे दोस्त थे। उन दोनों की मित्रता के कारण राजा तिस्स ने देवानर्यापय उपाधि का प्रयोग किया। यह सुनकर सब लोगों को आश्चर्य हुआ। श्री जेम्स प्रिस्सेप को सबसे अधिक आश्चर्य और खुशी हुई। क्योंकि उसको अपनी समस्या का उत्तर मिला था। इसके बाद सब को स्पष्ट हुआ कि देवानर्यापय उपाधि राजा अशोक की उपाधि थी।

इसके अलावा महावंश से भारतीय इतिहास का अध्ययन करने के लिए सहारा मिला। हम बचपन से सीखते हैं कि श्री लंका और भारत के बीच में बहुत पुराने समय से सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक रिश्ता है। यह कहानी सुनकर मुझे ऐसा लगा कि श्री लंका और भारत का वह बंधन जैसे अटूट था, वैसे ही अटूट रहेगा।


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हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
हिन्दी लोक-नाटक तक्षिला मेंडिस 6:1
मेरा जन्म दिन बोल्द 6:2
होरी और मृत्यु... तक्षिला मेन्डिस 7:1
कैसे छोडूँ? 7:2
सिंहली लोक साहित्य विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 8
प्यार का गुलशन आदम 9:1
ऋणी हूँ मैं विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 9:2
मेरा तुर्कमेनिस्तान आगान्थाजोवा शैकेर 10:1
देना: सबसे बड़ा सुख आगान्थाजोवा शैकेर 10:2
आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो.....! वासुदेव 11
रूस में क्रिसमस वाल्या पोगोदीना 12
हमारी अपेक्षा..... अदुम इद्रीस अदुम 13
मधुरानी (अनुवादित रचना) तुरेब अबूज़र 14:1
ताजिकी (मूल रचना) जोनी शिरीन 14:2
भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता के.वी.जे. कोषली 15:1
मैं चला जाता हूँ 15:2
गरीब साजन 15:3
मंगोलिया उंदरमा 16
मेरी यात्रा बेसुजीन 17
मेरी जिंदगी में भारत उमीदा 18
क्षणिकाएँ.... उमीदा 19:1
जापान की कथा यूकी तामागावा 19:2
चाड को जानिए नूर ब्राहीम 20
रूसी साहित्य अन्ना स्तेपानोवा और वाल्या पोगोदीना 21
सिरिलिक लिपिक याना यार्वोस्काया 22:1
जाना है मुझे कौशल्या समली 22:2
शोध क्या है? कौशल्या समली 23
म्याँमार (बर्मा) में भारतीयों की स्थित : कल और आज राकेश 24
हैदर अलीयेव मिरज़ायेवा साईदा 25
म्याँमार देश (बर्मा) के प्रमुख सांस्कृतिक त्यौहार राकेश 26
मेरा शहर उलानबाथर नारनतुया 27
अर्मेनिया मनात्साकानयान नारिने 28
तुम्हारी दोषी हूँ मनात्साकानयान नारिने 29
हंगरी को पहचानिए बैआता यकुशोब्स्कि 30
राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी बैआता यकुशोब्स्कि 31
मेरी भारत यात्रा वितावात रेक्ताविलजय 32:1
मेरा देश वितावात रेक्ताविलजय) 32:2
मेरी गोवा यात्रा अलगिरमा 33:1
मैं और भारत ओन्द्रह 33:2
मेरा देश कोरिया शिनजोंग 34
चीनी ड्रम मंदिग 43
‘मेरी दीवाली’ जंग यांग ए 44
भाषा सीखने का शौक श्रीमती समर बारी 45:1
मेरा देश मिस्त्र श्रीमती समर बारी 45:2
मर्जीशोर के त्योहार रालूका 46
‘श्रीमती देवी’ मिर्चआ ऐलियादे की नज़र में रालूका 47
चीनी नया साल और लाल बसंत चांग लू 48
मुझे तड़पाया-अनुदित रचना मोहम्मद खालिद 49:1
हर चा व जुरावलम पश्तो-मूल रचना मोहम्मद खालिद 49:2
अफगानिस्तान। मोहम्मद खालिद 50
रूसी भाषा वियोलेता 51
बर्फीली गुड़िया (रूसी कहानी) वियोलेता 52
सुहाग सुराजिनी दिसानायक 54
मेरी भारत यात्रा– जीवन की सुहानी यात्रा सुराजिनी दिसानायक 55
कुछ नहीं बदला सुराजिनी दिसानायक 56:1
चलिए, कोई बात नहीं सुराजिनी दिसानायक 56:2
तुर्की भाषा जानान एर्देमीर 57:1
सूर्य की देवी आसूमी तानाका 57:2
हिन्दी प्रेमी–श्रीमती इंद्रा दसनायक इंद्राकुमारी दसनायक 58
थ्रेशन लोग रोसित्सा 59
चालाक पेतर और दो झूठे रोसित्सा 60
मंगोलिया का राष्ट्र ध्वज मुन्ह–एतेनि 61
भाषा सीखना चीका ओगुरी 62
बाल्कन देशों का खान-पान गालेना त्स्वेत्कोवा 63
रोमन लिपि काया ब्रिक्स 65
सूरज सुगन्धि मधुभाषिनी 66:1
दिल का बाग सुगन्धि मधुभाषिनी 66:2
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ 67
विभाग के सदस्यों की सूची 69
वार्षिक प्रतिवेदन 70
विभागीय सेमिनार का प्रतिवेदन (सत्र 2010–2011) 71
छात्र सूची 2010-11 73
वैयक्तिक औज़ार

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