हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 पृ-18

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मेरी जिंदगी में भारत

उमीदा (उज्बेकिस्तान)
कक्षा-100
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'मेरी जिंदगी में भारत'–मैं इसकी शब्दों से तारीफ नहीं कर सकती। मेरा जन्म दूर देश उज़्बेकिस्तान में हुआ था, लेकिन बचपन से मेरे दिल में भारत का सपना था। मैं अपने सपनों में भारत में ही रहती थी। भारत की हवा में साँस लेती थी। भारत मेरा सिर्फ सपना ही नहीं, मेरी जिंदगी का एक बड़ा भाग है। उज़्बेकिस्तान में रहकर हमेशा भारत की उष्मा महसूस करती थी। और अब मैं खयालों में दिखने वाले भारत में हूँ, और इसकी संपर्क भाषा हिंदी को सीख रही हूँ। यह मेरे लिए अल्लाह की तरफ से एक बहुत बड़ा तोहफा है। भारत में आने से पहले मैंने भारत के बारे में तीन, चार कविताएँ लिखीं थीं। उनमें से एक का मैंने हिंदी में अनुवाद किया है।

दोस्ती से भरा है मन मेरा
सोच एक, मंजिल है,
गूँजती थी आवाज़ दिल में।
आवाज़, मेरे सपनों की आवाज़।
मन लगा था उस देश से
जो रहस्यों से भरा है,
भरा था आश्चर्यों से
दिल करता उड़ जाऊँ।
बस जाऊँ उस देश
मन ने ये ठान लिया
एक दिन उड़ जाऊँगी
देखकर उसे आऊँगी।।

भारत आने के बाद पहली बार मुझे ताजमहल देखने का मौका मिला। ताजमहल सचमुच बहुत ज्यादा सुंदर और विशाल सुदृढ़ दिखाई दे रहा था। मुझे पहली बार ताजमहल के सामने खड़े रहकर भी अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ कि मैं नीले आसमान की बाहों में ताजमहल को रोशन चाँद की तरह चमकते हुए देख रही थी। चारों तरफ सुंदर-सुंदर सफेद बादल तैर रहे थे। इसका मुझ पर ऐसा जादू हुआ कि मेरा यहाँ से जाने के लिए मन नहीं हो रहा था। मेरी दूसरी यात्रा भारत की सबसे मशहूर जगहों में से एक अमृतसर की यात्रा है। हमने दोस्तों के साथ अमृतसर का पवित्र सोने का मंदिर भी देखा, जो शाहरूख खान की "रब ने बना दी जोड़ी" फिल्म में देखा था। इसे प्रत्यक्ष रूप में देखने का अवसर था। हम हर शाम को पाकिस्तान और भारत की सीमा पर होने वाले कार्यक्रम को देखने गए, लेकिन यह कार्यक्रम मुझे इतना पसंद नहीं आया। क्योंकि एक भाषा में बातें करने वाले दो देश एक-दूसरे से अलग-अलग थे।

भारत में बहुत ज्यादा ऐतिहासिक प्रदेश और नगर हैं। भारत में कहीं भी जाएँ हर शहर में अलग तरीके की परंपराएँ, अलग रीति-रिवाज देख सकते हैं। मैंने अपनी लंबी छुट्टियों में अपनी सहेलियों के साथ यात्रा करने की योजना बनायी। मेरी सभी सहेलियाँ बौद्ध धर्म में विश्वास करने वाली थीं, इसलिए भारत में बौद्ध धर्म कहाँ पर फैला हुआ है, उस नगर में जाने की हमारे तैयारी की। बौध-गया जाकर मुझे लगा जैसे भारत नहीं बिलकुल अलग देश हो।

लखनऊ अच्छी जगह थी। मुझे बहुत पंसद आई। वहाँ मुझे मांस खाना बहुत अच्छा लगा और स्वदेश जैसा महसूस हुआ। अमृतसर में सिख-धर्म, बोध गया में बुद्ध धर्म और वाराणसी में हिंदू-धर्म को मानने वाले लोगों की जगह होने के कारण लखनऊ में मुसलमान लोग अधिक थे। कोलकाता बहुत बड़ा और सुंदर शहर है, वहाँ सब कुछ मिल सकता है। जैसे आदमी वाला रिक्शा भी मुझे मिला, जिसे देखकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। झाँसी, खुजराहो, ओरचा भी सुंदर और ऐतिहासिक जगह हैं।

लेकिन एक और जगह है, जहाँ मैं और जाना चाहती हूँ। वह है-पुरी। मैं वहाँ सिर्फ एक दिन रही, मगर वह एक दिन मेरी जिंदगी में कभी भूल न सकने वाला दिन हो गया। पुरी में मैंने जिंदगी में पहली बार महासमुंदर देखा। सबेरे, सुरमई अंधेरे से सूरज धीरे-धीरे उदय हो रहा था। समुंदर में लहरों पर लहरें आ रही थीं। मैं दिन भर समुद्र के किनारे रही थी और बहुत खुश थी कि दुनिया में मेरी तरह खुशनसीब कोई नहीं होगा। मेरे जीवन में भारत की यात्रा की मधुर स्मृति हमेशा बनी रहेगी।


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हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
हिन्दी लोक-नाटक तक्षिला मेंडिस 6:1
मेरा जन्म दिन बोल्द 6:2
होरी और मृत्यु... तक्षिला मेन्डिस 7:1
कैसे छोडूँ? 7:2
सिंहली लोक साहित्य विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 8
प्यार का गुलशन आदम 9:1
ऋणी हूँ मैं विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 9:2
मेरा तुर्कमेनिस्तान आगान्थाजोवा शैकेर 10:1
देना: सबसे बड़ा सुख आगान्थाजोवा शैकेर 10:2
आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो.....! वासुदेव 11
रूस में क्रिसमस वाल्या पोगोदीना 12
हमारी अपेक्षा..... अदुम इद्रीस अदुम 13
मधुरानी (अनुवादित रचना) तुरेब अबूज़र 14:1
ताजिकी (मूल रचना) जोनी शिरीन 14:2
भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता के.वी.जे. कोषली 15:1
मैं चला जाता हूँ 15:2
गरीब साजन 15:3
मंगोलिया उंदरमा 16
मेरी यात्रा बेसुजीन 17
मेरी जिंदगी में भारत उमीदा 18
क्षणिकाएँ.... उमीदा 19:1
जापान की कथा यूकी तामागावा 19:2
चाड को जानिए नूर ब्राहीम 20
रूसी साहित्य अन्ना स्तेपानोवा और वाल्या पोगोदीना 21
सिरिलिक लिपिक याना यार्वोस्काया 22:1
जाना है मुझे कौशल्या समली 22:2
शोध क्या है? कौशल्या समली 23
म्याँमार (बर्मा) में भारतीयों की स्थित : कल और आज राकेश 24
हैदर अलीयेव मिरज़ायेवा साईदा 25
म्याँमार देश (बर्मा) के प्रमुख सांस्कृतिक त्यौहार राकेश 26
मेरा शहर उलानबाथर नारनतुया 27
अर्मेनिया मनात्साकानयान नारिने 28
तुम्हारी दोषी हूँ मनात्साकानयान नारिने 29
हंगरी को पहचानिए बैआता यकुशोब्स्कि 30
राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी बैआता यकुशोब्स्कि 31
मेरी भारत यात्रा वितावात रेक्ताविलजय 32:1
मेरा देश वितावात रेक्ताविलजय) 32:2
मेरी गोवा यात्रा अलगिरमा 33:1
मैं और भारत ओन्द्रह 33:2
मेरा देश कोरिया शिनजोंग 34
चीनी ड्रम मंदिग 43
‘मेरी दीवाली’ जंग यांग ए 44
भाषा सीखने का शौक श्रीमती समर बारी 45:1
मेरा देश मिस्त्र श्रीमती समर बारी 45:2
मर्जीशोर के त्योहार रालूका 46
‘श्रीमती देवी’ मिर्चआ ऐलियादे की नज़र में रालूका 47
चीनी नया साल और लाल बसंत चांग लू 48
मुझे तड़पाया-अनुदित रचना मोहम्मद खालिद 49:1
हर चा व जुरावलम पश्तो-मूल रचना मोहम्मद खालिद 49:2
अफगानिस्तान। मोहम्मद खालिद 50
रूसी भाषा वियोलेता 51
बर्फीली गुड़िया (रूसी कहानी) वियोलेता 52
सुहाग सुराजिनी दिसानायक 54
मेरी भारत यात्रा– जीवन की सुहानी यात्रा सुराजिनी दिसानायक 55
कुछ नहीं बदला सुराजिनी दिसानायक 56:1
चलिए, कोई बात नहीं सुराजिनी दिसानायक 56:2
तुर्की भाषा जानान एर्देमीर 57:1
सूर्य की देवी आसूमी तानाका 57:2
हिन्दी प्रेमी–श्रीमती इंद्रा दसनायक इंद्राकुमारी दसनायक 58
थ्रेशन लोग रोसित्सा 59
चालाक पेतर और दो झूठे रोसित्सा 60
मंगोलिया का राष्ट्र ध्वज मुन्ह–एतेनि 61
भाषा सीखना चीका ओगुरी 62
बाल्कन देशों का खान-पान गालेना त्स्वेत्कोवा 63
रोमन लिपि काया ब्रिक्स 65
सूरज सुगन्धि मधुभाषिनी 66:1
दिल का बाग सुगन्धि मधुभाषिनी 66:2
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ 67
विभाग के सदस्यों की सूची 69
वार्षिक प्रतिवेदन 70
विभागीय सेमिनार का प्रतिवेदन (सत्र 2010–2011) 71
छात्र सूची 2010-11 73
वैयक्तिक औज़ार

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