हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 पृ-23

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शोध क्या है?

कौशल्या समली (श्रीलंका)
कक्षा-400

केंद्रीय हिंदी संस्थान में स्नातकोत्तर हिंदी डिप्लोमा पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले छात्रों के लिए 'शोध प्रविधि' नाम का एक विषय है। मैं 400 कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा हूँ। अपने शोध प्रविधि के अध्यापक को धन्यवाद देना चाहती हूँ। क्योंकि उनके मार्गदर्शन के कारण मैं आज अच्छी तरह समझ सकी हूँ कि शोध क्या है? और इसे आपके साथ बाँटना चाहती हूँ।

शोध क्या है? सर्वप्रथम शोध ज्ञान का विस्तार है। शोध द्वारा हम नये तथ्यों को ढूंढ निकालते हैं। शोध को अनुसंधान, गवेषणा, ओज, अन्वेषण मीमांसा, अनुशीलन, परिशीलन, आलोचना, रिसर्च आदि नामों से भी अभीत किया जाता है। शोध के चार अंग होते हैं-

  1. ज्ञान क्षेत्र की किसी समस्या को सुलझाने की प्रेरणा।
  2. विवेकपूर्ण अध्ययन।
  3. प्रासंगिक तथ्यों का संकलन।
  4. परिणाम स्वरूप निर्णय।

शोध की प्रक्रिया में समस्या के कथन के बाद परिकल्पना की रचना की आवश्यकता होती है। परिकल्पना यानि व्यापक रूप से विस्तृत रूप से फैल कर सोचना परिकल्पना है, जिसके आधार पर मन की भावना प्रकट करते हैं। शोधकर्ता को ऐसी परिकल्पना बनानी चाहिए, जिसकी परीक्षा की जा सके कि वह एक कल्पना सत्य है या असत्य। परीक्षण से उत्तम परिकल्पना का जन्म होता है।

शोध के कुछ मुख्य प्रकार-
  • वर्णनात्मक शोध
  • विश्लेषणात्मक शोध
  • मूल शोध
  • प्रायोगिक शोध
  • मात्रात्मक शोध
  • सैद्धांतिक शोध
  • अनुभाविक शोध
  • अप्रयोगात्मक शोध
  • ऐतिहासिक शोध
  • नैदानिक शोध
शोध निर्देशक तथा शोधार्थी-

शोध में शोधार्थी को मार्गदर्शन करने वाला शोध निर्देशक होता है। शोधार्थी शोध लिखने वाला है। शोध निर्देशक के कार्य निम्नलिखित हैं- सबसे पहले शोध निर्देशक को शोधार्थी की योग्यताओं के बारे में जानना चाहिए तथा उनके शोध ज्ञान को आगे बढ़वाने के लिए उसे धैर्य देना चाहिए, पूर्ण अंक देना चाहिए। शोध निर्देशक के अंदर मेहनत, सहनशीलता, उत्साह, धैर्य, तटस्थता विचारशीलता होनी चाहिए, और शोधार्थी को उचित समय देने के लिए ध्यान रखना चाहिए। शोध निर्देशक को हमेशा अपने ज्ञान को नवीकृत अद्यतन करना चाहिए। इस तरह के गुण अगर शोध निर्देशक के अंदर होंगे तो वह अच्छा शोध निर्देशक माना जाता है।

शोध निर्देशक की तरह शोधार्थी के अंदर भी निम्नलिखित गुण होने चाहिए। सबसे पहले उसे स्वस्थ शरीर व स्वस्थ मन का होना चाहिए। उत्साहपूर्ण लगन के साथ काम करना चाहिए। एक जगह रहकर शोध नहीं लिख सकते, इसलिए अपने काम के बारे में हमेशा ध्यान रखना चाहिए। शोध लिखना शुरू करने से पूर्व रचनात्मक कल्पना शक्ति को बढ़ाना चाहिए। तथ्य जमा करना, सतर्क रहना, साधन सम्पन्न आदि के बारे में भी शोधार्थी को सोचना चाहिए।

शोध की रूप रेखा
  • शीर्षक
  • भूमिका
  • मुख्य भाग
  • निष्कर्ष
  • संदर्भ सूची

शोध लिखना शुरू करने से पहले शीर्षक का चुनाव करना चाहिए। भूमिका को प्रस्तावना भी कहा जाता है। प्रस्तावना द्वारा शोध के बारे में संक्षिप्त रूप में कहा जाता है। मुख्य भाग में विषय वस्तु के बारे में विस्तार किया जाता है। निष्कर्ष या उपसंहार में शोध का सारांश लिखा जाता है। शोध लिखने के लिए किन-किन किताबों, पत्रिकाओं समाचार पत्रों, शोध लेखों आदि की मदद ली है, उनके नाम संदर्भ सूची में लिखने चाहिए।


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हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
हिन्दी लोक-नाटक तक्षिला मेंडिस 6:1
मेरा जन्म दिन बोल्द 6:2
होरी और मृत्यु... तक्षिला मेन्डिस 7:1
कैसे छोडूँ? 7:2
सिंहली लोक साहित्य विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 8
प्यार का गुलशन आदम 9:1
ऋणी हूँ मैं विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 9:2
मेरा तुर्कमेनिस्तान आगान्थाजोवा शैकेर 10:1
देना: सबसे बड़ा सुख आगान्थाजोवा शैकेर 10:2
आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो.....! वासुदेव 11
रूस में क्रिसमस वाल्या पोगोदीना 12
हमारी अपेक्षा..... अदुम इद्रीस अदुम 13
मधुरानी (अनुवादित रचना) तुरेब अबूज़र 14:1
ताजिकी (मूल रचना) जोनी शिरीन 14:2
भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता के.वी.जे. कोषली 15:1
मैं चला जाता हूँ 15:2
गरीब साजन 15:3
मंगोलिया उंदरमा 16
मेरी यात्रा बेसुजीन 17
मेरी जिंदगी में भारत उमीदा 18
क्षणिकाएँ.... उमीदा 19:1
जापान की कथा यूकी तामागावा 19:2
चाड को जानिए नूर ब्राहीम 20
रूसी साहित्य अन्ना स्तेपानोवा और वाल्या पोगोदीना 21
सिरिलिक लिपिक याना यार्वोस्काया 22:1
जाना है मुझे कौशल्या समली 22:2
शोध क्या है? कौशल्या समली 23
म्याँमार (बर्मा) में भारतीयों की स्थित : कल और आज राकेश 24
हैदर अलीयेव मिरज़ायेवा साईदा 25
म्याँमार देश (बर्मा) के प्रमुख सांस्कृतिक त्यौहार राकेश 26
मेरा शहर उलानबाथर नारनतुया 27
अर्मेनिया मनात्साकानयान नारिने 28
तुम्हारी दोषी हूँ मनात्साकानयान नारिने 29
हंगरी को पहचानिए बैआता यकुशोब्स्कि 30
राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी बैआता यकुशोब्स्कि 31
मेरी भारत यात्रा वितावात रेक्ताविलजय 32:1
मेरा देश वितावात रेक्ताविलजय) 32:2
मेरी गोवा यात्रा अलगिरमा 33:1
मैं और भारत ओन्द्रह 33:2
मेरा देश कोरिया शिनजोंग 34
चीनी ड्रम मंदिग 43
‘मेरी दीवाली’ जंग यांग ए 44
भाषा सीखने का शौक श्रीमती समर बारी 45:1
मेरा देश मिस्त्र श्रीमती समर बारी 45:2
मर्जीशोर के त्योहार रालूका 46
‘श्रीमती देवी’ मिर्चआ ऐलियादे की नज़र में रालूका 47
चीनी नया साल और लाल बसंत चांग लू 48
मुझे तड़पाया-अनुदित रचना मोहम्मद खालिद 49:1
हर चा व जुरावलम पश्तो-मूल रचना मोहम्मद खालिद 49:2
अफगानिस्तान। मोहम्मद खालिद 50
रूसी भाषा वियोलेता 51
बर्फीली गुड़िया (रूसी कहानी) वियोलेता 52
सुहाग सुराजिनी दिसानायक 54
मेरी भारत यात्रा– जीवन की सुहानी यात्रा सुराजिनी दिसानायक 55
कुछ नहीं बदला सुराजिनी दिसानायक 56:1
चलिए, कोई बात नहीं सुराजिनी दिसानायक 56:2
तुर्की भाषा जानान एर्देमीर 57:1
सूर्य की देवी आसूमी तानाका 57:2
हिन्दी प्रेमी–श्रीमती इंद्रा दसनायक इंद्राकुमारी दसनायक 58
थ्रेशन लोग रोसित्सा 59
चालाक पेतर और दो झूठे रोसित्सा 60
मंगोलिया का राष्ट्र ध्वज मुन्ह–एतेनि 61
भाषा सीखना चीका ओगुरी 62
बाल्कन देशों का खान-पान गालेना त्स्वेत्कोवा 63
रोमन लिपि काया ब्रिक्स 65
सूरज सुगन्धि मधुभाषिनी 66:1
दिल का बाग सुगन्धि मधुभाषिनी 66:2
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ 67
विभाग के सदस्यों की सूची 69
वार्षिक प्रतिवेदन 70
विभागीय सेमिनार का प्रतिवेदन (सत्र 2010–2011) 71
छात्र सूची 2010-11 73
वैयक्तिक औज़ार

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