हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 पृ-31

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राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी

बैआता यकुशोब्स्कि (हंगरी)
कक्षा-200


एक दिन राजा मात्यारा अपने मंत्रियों के साथ देश में इधर-उधर घूम रहा था। राजा का गरीब और धनवान सभी लोगों से मित्रतापूर्ण व्यवहार था, वह सब लोगों से बातचीत करता था। उस दिन उसने एक बूढ़े आदमी से भी बातचीत की। यह आदमी पहले कभी राजा की सेना में काम करता था। राजा ने दो-चार बातें करने के बाद उसे पहचान लिया, क्योंकि अपने सैनिकों को वह सालों के बाद भी पहचान सकता था। -राजा ने आदर से भाई साहब! कहा।

-धन्यबाद बेगम को–बूढ़े आदमी ने उत्तर दिया।

-कितने पैसे के लिए तुम काम करते हो? राजा ने पूछा।

-छह पैसे के लिए। बूढ़े आदमी ने उत्तर दिया।

-और कितने पैसे में अपना रहन-सहन करते हो?

-दो पैसे में।

-और चार पैसे तुम कहाँ रखते हो?

-मैं कीचड़ में डालता हूँ।

-और बत्तीस के अभी भी बत्तीस हैं?

-ये तो सिर्फ बारह हैं।

-क्या तुम बकरों में से दूध निकाल सकते हो?

-मंत्री सिर्फ़ इधर-उधर देख रहे थे। उन्हें इस बातचीत से एक शब्द भी समझ में नहीं आया। राजा को इसके बारे में मालूम था और वह हँसते हुए बूढ़े आदमी से बोला।

-जब तक तुम मेरा चेहरा नहीं देखो, तब तक यह बात किसी को मत बताना।

-यह कहकर राजा जाने लगा। मंत्री उनके पीछे जाने लगे और उनसे पूछने लगे।

-महाराज, आपके और उस किसान के बीच में क्या बात हुई थी? हम लोगों को कुछ भी समझ में नहीं आया। राजा मात्यारा ने जवाब दिया।

-तुम खुद अनुमान लगाओ! जो अच्छा अनुमान लगा कर बताएगा उसे बहुत बड़ा इनाम मिलेगा।

-मंत्री सोचने लगे लेकिन उससे कोई फ़ायदा नहीं हुआ। वे बूढ़े आदमी के पास वापस आए। वे बूढ़े आदमी को घेर कर खड़े हो गए और पूछने लगे। बूढ़े आदमी ने कहा।

-जब तक मैं राजा मात्यारा का चेहरा नहीं देख लेता तब तक मैं कुछ नहीं बता सकता।

-क्या चेहरा? कहाँ-कहाँ मंत्रियों ने पूछा।

-जो सोने के सिक्के पर छपा हुआ है। बूढ़े आदमी ने कहा।

-मंत्रियों ने आदमी को दस सोने के सिक्के दिए। बूढ़े आदमी ने अब अपनी बात बतानी शुरू की।

-‘‘आदर से भाई साहब’’ इसका मतलब है कि मेरे कपड़े मैं अपनी पत्नी से धुलवाता हूँ। साफ़ कपड़ों का मतलब आदर है इसलिए मैं आदरणीय हूँ। और इसलिए मैंने कहा कि ‘‘धन्यवाद बेगम को।’’

-पर तुम पैसे कीचड़ में क्यों डालते हो? छह पैसों में से चार पैसों को? मंत्रियों ने पूछा।

-मेरा वेतन छह पैसे है। मेरा खर्च दो पैसे है और चार पैसे मैं अपने बेटों को देता हूँ। यह कीचड़ में डालने के बराबर है। बूढ़े आदमी ने जवाब दिया।

-बत्तीस के अभी भी बत्तीस हैं? इसका मतलब क्या है?

-दस सोने के सिक्कों के बदले में जवाब दूँगा। मंत्रियों ने बूढ़े आदमी को दूसरे दस सोने के सिक्के दिए।

-इसका मतलब है कि युवासस्था में मेरे बत्तीस दाँत थे और अभी सिर्फ बारह है। बूढ़े आदमी ने हँसते हुए कहा। अब सिर्फ एक प्रश्न पूछना था। इसके लिए भी मंत्रियों ने उसे दस सोने के सिक्के दिए।

-क्या तुम बकरों से दूध ले सकते हो? इसका मतलब क्या है?

-जैसे मैंने आप लोगों से पैसे निकाल लिए ऐसे मैं बकरों में से भी दूध निकाल सकता हूँ।


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हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
हिन्दी लोक-नाटक तक्षिला मेंडिस 6:1
मेरा जन्म दिन बोल्द 6:2
होरी और मृत्यु... तक्षिला मेन्डिस 7:1
कैसे छोडूँ? 7:2
सिंहली लोक साहित्य विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 8
प्यार का गुलशन आदम 9:1
ऋणी हूँ मैं विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 9:2
मेरा तुर्कमेनिस्तान आगान्थाजोवा शैकेर 10:1
देना: सबसे बड़ा सुख आगान्थाजोवा शैकेर 10:2
आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो.....! वासुदेव 11
रूस में क्रिसमस वाल्या पोगोदीना 12
हमारी अपेक्षा..... अदुम इद्रीस अदुम 13
मधुरानी (अनुवादित रचना) तुरेब अबूज़र 14:1
ताजिकी (मूल रचना) जोनी शिरीन 14:2
भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता के.वी.जे. कोषली 15:1
मैं चला जाता हूँ 15:2
गरीब साजन 15:3
मंगोलिया उंदरमा 16
मेरी यात्रा बेसुजीन 17
मेरी जिंदगी में भारत उमीदा 18
क्षणिकाएँ.... उमीदा 19:1
जापान की कथा यूकी तामागावा 19:2
चाड को जानिए नूर ब्राहीम 20
रूसी साहित्य अन्ना स्तेपानोवा और वाल्या पोगोदीना 21
सिरिलिक लिपिक याना यार्वोस्काया 22:1
जाना है मुझे कौशल्या समली 22:2
शोध क्या है? कौशल्या समली 23
म्याँमार (बर्मा) में भारतीयों की स्थित : कल और आज राकेश 24
हैदर अलीयेव मिरज़ायेवा साईदा 25
म्याँमार देश (बर्मा) के प्रमुख सांस्कृतिक त्यौहार राकेश 26
मेरा शहर उलानबाथर नारनतुया 27
अर्मेनिया मनात्साकानयान नारिने 28
तुम्हारी दोषी हूँ मनात्साकानयान नारिने 29
हंगरी को पहचानिए बैआता यकुशोब्स्कि 30
राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी बैआता यकुशोब्स्कि 31
मेरी भारत यात्रा वितावात रेक्ताविलजय 32:1
मेरा देश वितावात रेक्ताविलजय) 32:2
मेरी गोवा यात्रा अलगिरमा 33:1
मैं और भारत ओन्द्रह 33:2
मेरा देश कोरिया शिनजोंग 34
चीनी ड्रम मंदिग 43
‘मेरी दीवाली’ जंग यांग ए 44
भाषा सीखने का शौक श्रीमती समर बारी 45:1
मेरा देश मिस्त्र श्रीमती समर बारी 45:2
मर्जीशोर के त्योहार रालूका 46
‘श्रीमती देवी’ मिर्चआ ऐलियादे की नज़र में रालूका 47
चीनी नया साल और लाल बसंत चांग लू 48
मुझे तड़पाया-अनुदित रचना मोहम्मद खालिद 49:1
हर चा व जुरावलम पश्तो-मूल रचना मोहम्मद खालिद 49:2
अफगानिस्तान। मोहम्मद खालिद 50
रूसी भाषा वियोलेता 51
बर्फीली गुड़िया (रूसी कहानी) वियोलेता 52
सुहाग सुराजिनी दिसानायक 54
मेरी भारत यात्रा– जीवन की सुहानी यात्रा सुराजिनी दिसानायक 55
कुछ नहीं बदला सुराजिनी दिसानायक 56:1
चलिए, कोई बात नहीं सुराजिनी दिसानायक 56:2
तुर्की भाषा जानान एर्देमीर 57:1
सूर्य की देवी आसूमी तानाका 57:2
हिन्दी प्रेमी–श्रीमती इंद्रा दसनायक इंद्राकुमारी दसनायक 58
थ्रेशन लोग रोसित्सा 59
चालाक पेतर और दो झूठे रोसित्सा 60
मंगोलिया का राष्ट्र ध्वज मुन्ह–एतेनि 61
भाषा सीखना चीका ओगुरी 62
बाल्कन देशों का खान-पान गालेना त्स्वेत्कोवा 63
रोमन लिपि काया ब्रिक्स 65
सूरज सुगन्धि मधुभाषिनी 66:1
दिल का बाग सुगन्धि मधुभाषिनी 66:2
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ 67
विभाग के सदस्यों की सूची 69
वार्षिक प्रतिवेदन 70
विभागीय सेमिनार का प्रतिवेदन (सत्र 2010–2011) 71
छात्र सूची 2010-11 73
वैयक्तिक औज़ार

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