हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 पृ-34

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मेरा देश कोरिया

शिनजोंग (द. कोरिया)
कक्षा-200


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मेरे देश का नाम दक्षिण कोरिया है। दक्षिण कोरिया एक छोटा देश है, परंतु आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह पूरी दुनिया पर प्रभाव डाल रहा है। कोरिया पूर्व एशिया में, चीन और जापान के बीच में स्थित है। इसके पड़ोस में चीन, रूस, जापान हैं। कोरिया के तीन ओर समुद्र है। दक्षिण में प्रशांत सागर, पूर्व में पूर्वी सागर, पश्चिम में पश्चिमी सागर हैं। कोरिया एक लोकतांत्रिक देश है जिसमें नौ राज्य हैं और इसकी राजधानी सिओल है। राष्ट्रपति और संसद सिओल से पूरे कोरिया का शासन चलाते हैं। कोरिया की जनसंख्या लगभग चार करोड़ पचास लाख है।

प्राकृतिक दृष्टि से कोरिया में दो पर्वत फैले हुए हैं जिनके नाम थेबेगू और सोबेगू हैं। थेबेगू पर्वत दक्षिण कोरिया के पूर्व में उत्तर से दक्षिण तक फैला हुआ है, जबकि सोबेगू पर्वत मध्य मैं फैला हुआ है। इन पर्वतों में अधिक सुंदर घाटियाँ और शिखर हैं। कोरिया में बहुत सी छोटी-बड़ी नदियाँ हैं और तीन ओर समुद्र हैं इसलिए यहाँ अनेक दर्शनीय स्थान है, सूर्योदय और सूर्यास्त भी देखा जा सकता है। कोरिया में चार ऋतुएँ हैं। बसंत में यहाँ-वहाँ सब जगहों पर फूल खिलते हैं, गरमी में अब लोग गर्मी से बचने के लिए समुद्रतट में तैरते हैं, कभी-कभी तूफान भी आता है। शरद में पत्तों के रंग बदलते हैं, पर्वतों और पहाड़ों का रंग भी लाल-पीला हो जाता है। सरदी में बर्फ पड़ती है, जिससे हर जगह पर सफेदी छाई रहती है।

कोरियाई संस्कृति लगभग पाँच हजार वर्ष पुरानी है। ऐतिहासिक दृष्टि से हमारी संस्कृति पर चीन और जापान की संस्कृतियों का प्रभाव था। प्राचीन समय में चीन के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता था। आधुनिक काल में जापान ने कोरिया पर उपनिवेश बसाया था। इसलिए हमारी संस्कृति पर चीन और जापान की संस्कृतियों का प्रभाव पड़ा। इसके अलावा प्राचीन समय मे बौद्ध और कन्फ्यूशियस धर्म का प्रचार-प्रसार था। और आजकल उत्तर-दक्षिण कोरिया युद्ध के बाद पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव पड़ा है।

प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से कोरिया में अनेक बौद्धिक स्थान हैं। उनमें सियोल के पुराने राजभवन, पुरानी राजधानी ग्यूग-जु और गोंग-जु, बुसान का प्रसिद्ध समुद्रतट हे-उन-दे, अधिक मंदिर आदि हैं। कोरियाई खान-पान भी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है। टी-वी में कोरियाई राजकीय भोजन के बारे में एक नाटक दिखाया गया था, जिसका नाम ‘‘दे जांग् गम्’’ है। यह नाटक दूसरे देशों में भी दिखाया जाता है। इसके कारण आजकल कोरियाई भोजन चीन, अमेरिका, जापान आदि देशों में बहुत प्रसिद्ध है। कोरिया में चावल अधिक खाया जाता है, मछली, माँस आदि का प्रयोग किया जाता है और कोरियाई ख़मीरी खाना भी खाया जाता है, जैसे गिम्-छी, छुंग-गुग्-जाँग। कोरियाई लोग खाने में चॉपस्टिक और चम्मच इस्तेमाल करते हैं।

आजकल दुनिया में कोरिया की स्थिति महत्वपूर्ण हो गयी है। इसी कारण पिछले महीने में GZO सम्मेलन का भी कोरिया में आयोजन किया गया। कोरिया एक शांति प्रिय देश है, इसलिए जो देश गरीब हैं, उनको मदद देता है। दूसरे देशों को शांति से रहने का संदेश देता है। लेकिन अब तक उत्तर-दक्षिण कोरिया युद्ध खत्म नहीं हुआ है। इसी कारण कभी-कभी उसे धमकी भी मिलती है, लेकिन मुझे अपने देश कोरिया से बहुत प्यार है।



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हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
हिन्दी लोक-नाटक तक्षिला मेंडिस 6:1
मेरा जन्म दिन बोल्द 6:2
होरी और मृत्यु... तक्षिला मेन्डिस 7:1
कैसे छोडूँ? 7:2
सिंहली लोक साहित्य विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 8
प्यार का गुलशन आदम 9:1
ऋणी हूँ मैं विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 9:2
मेरा तुर्कमेनिस्तान आगान्थाजोवा शैकेर 10:1
देना: सबसे बड़ा सुख आगान्थाजोवा शैकेर 10:2
आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो.....! वासुदेव 11
रूस में क्रिसमस वाल्या पोगोदीना 12
हमारी अपेक्षा..... अदुम इद्रीस अदुम 13
मधुरानी (अनुवादित रचना) तुरेब अबूज़र 14:1
ताजिकी (मूल रचना) जोनी शिरीन 14:2
भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता के.वी.जे. कोषली 15:1
मैं चला जाता हूँ 15:2
गरीब साजन 15:3
मंगोलिया उंदरमा 16
मेरी यात्रा बेसुजीन 17
मेरी जिंदगी में भारत उमीदा 18
क्षणिकाएँ.... उमीदा 19:1
जापान की कथा यूकी तामागावा 19:2
चाड को जानिए नूर ब्राहीम 20
रूसी साहित्य अन्ना स्तेपानोवा और वाल्या पोगोदीना 21
सिरिलिक लिपिक याना यार्वोस्काया 22:1
जाना है मुझे कौशल्या समली 22:2
शोध क्या है? कौशल्या समली 23
म्याँमार (बर्मा) में भारतीयों की स्थित : कल और आज राकेश 24
हैदर अलीयेव मिरज़ायेवा साईदा 25
म्याँमार देश (बर्मा) के प्रमुख सांस्कृतिक त्यौहार राकेश 26
मेरा शहर उलानबाथर नारनतुया 27
अर्मेनिया मनात्साकानयान नारिने 28
तुम्हारी दोषी हूँ मनात्साकानयान नारिने 29
हंगरी को पहचानिए बैआता यकुशोब्स्कि 30
राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी बैआता यकुशोब्स्कि 31
मेरी भारत यात्रा वितावात रेक्ताविलजय 32:1
मेरा देश वितावात रेक्ताविलजय) 32:2
मेरी गोवा यात्रा अलगिरमा 33:1
मैं और भारत ओन्द्रह 33:2
मेरा देश कोरिया शिनजोंग 34
चीनी ड्रम मंदिग 43
‘मेरी दीवाली’ जंग यांग ए 44
भाषा सीखने का शौक श्रीमती समर बारी 45:1
मेरा देश मिस्त्र श्रीमती समर बारी 45:2
मर्जीशोर के त्योहार रालूका 46
‘श्रीमती देवी’ मिर्चआ ऐलियादे की नज़र में रालूका 47
चीनी नया साल और लाल बसंत चांग लू 48
मुझे तड़पाया-अनुदित रचना मोहम्मद खालिद 49:1
हर चा व जुरावलम पश्तो-मूल रचना मोहम्मद खालिद 49:2
अफगानिस्तान। मोहम्मद खालिद 50
रूसी भाषा वियोलेता 51
बर्फीली गुड़िया (रूसी कहानी) वियोलेता 52
सुहाग सुराजिनी दिसानायक 54
मेरी भारत यात्रा– जीवन की सुहानी यात्रा सुराजिनी दिसानायक 55
कुछ नहीं बदला सुराजिनी दिसानायक 56:1
चलिए, कोई बात नहीं सुराजिनी दिसानायक 56:2
तुर्की भाषा जानान एर्देमीर 57:1
सूर्य की देवी आसूमी तानाका 57:2
हिन्दी प्रेमी–श्रीमती इंद्रा दसनायक इंद्राकुमारी दसनायक 58
थ्रेशन लोग रोसित्सा 59
चालाक पेतर और दो झूठे रोसित्सा 60
मंगोलिया का राष्ट्र ध्वज मुन्ह–एतेनि 61
भाषा सीखना चीका ओगुरी 62
बाल्कन देशों का खान-पान गालेना त्स्वेत्कोवा 63
रोमन लिपि काया ब्रिक्स 65
सूरज सुगन्धि मधुभाषिनी 66:1
दिल का बाग सुगन्धि मधुभाषिनी 66:2
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ 67
विभाग के सदस्यों की सूची 69
वार्षिक प्रतिवेदन 70
विभागीय सेमिनार का प्रतिवेदन (सत्र 2010–2011) 71
छात्र सूची 2010-11 73
वैयक्तिक औज़ार

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सुस्वागतम्
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