हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 पृ-44

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'मेरी दीवाली'

जंग यांग ए (द. कोरिया)
कक्षा-200


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दुनिया के हर देश में त्यौहार मनाये जाते हैं। सभी देशों में लोग त्यौहारों की बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं और उत्साह से त्यौहार मनाते हैं भारत में भी बहुत त्यौहार मनाये जाते हैं। इसलिए भारत को त्यौहारों का देश कहा जाता है। इन त्यौहारों में एक मुख्य और मेरा सबसे प्रिय त्यौहार दीवाली है। मैं उसके बारे में आपको बताना चाहूँगी।

मेरी भारत यात्रा पहली नहीं चौथी है। मैंने यहाँ बहुत प्रकार के त्यौहार देखे हैं। जैसे– ईइ, होली, दशहरा, रक्षाबंधन, सब बहुत सुंदर और महत्वपूर्ण त्यौहार हैं। लेकिन इनमें दीवाली सबसे सुंदर और लोकप्रिय त्यौहार है। यह हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है। उत्तर भारत में यह त्यौहार लक्ष्मी की पूजा के रूप में मनाय जाता है। व्यापारी दीवाली के दिन अपने बहिखातों की भी पूजा करते हैं। और इसी दिन से नए खाते शुरू करते हैं। यह त्यौहार ऐसे समय मनाया जाता है, जब किसानों की फसल घर में आती है। भारत किसानों का देश है, इसलिए सभी लोग बहुत खुख होते हैं। उनकी खुशी देश की उन्नति के लिए बहुत अच्छी है। कहा जाता है कि इसी दिन रामचंद्र चौदह वर्ष के वनवास के बाद लंका से अयोध्या लौटे थे। शाम के समय सारे शहर में रोशनी करके खुशियाँ मनायी गयी थीं और श्री राम का स्वागत किया गया था। लगता है कि आज भी दिए जलाने की परंपरा चली आ रही है। यह विश्वास भारतीयों को आगे बढ़ने और आदर्शों का पालन करने की शक्ति देता है। यही कारण है कि आज भी भारतीय संस्कृति इतनी समृद्ध है।

दीवाली के दिन मैं अपने दोस्तों के साथ अमृतसर गई थी। दीवाली के समय मैंने देखा कि हर घर और इमारत में दिये जलाये जा रहे थे। लेकिन आजकल बिजली की बत्तियाँ और मोमबत्तियाँ जलाई जाती हैं। और आतिशबाजी भी करते हैं। इस दिन अमृतसर का दृश्य इतना सुंदर था कि जैसे आकाश के सारे सितारे जमीन पर उतर आये हों। बरामदें, सीढ़ियाँ इस रात का दृश्य मेरे मन में अत्यंत खुशियाँ भर देता है। सब जगह दीपकों की कतारें थी।

भारत में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं। ये एक-दूसरे के त्यौहार के बड़े उत्साह से मनाते हैं। दीवाली भी ऐसी थी। हिंदुओं के अलावा और सब भी मिलकर आतिशबाजी देखते और छुड़ाते थे और एक-दूसरे को मिठाई खिला रहे थे। इसलिए मुझे लगा दीवाली सबको उत्साहित करने का त्यौहार है। यह भारतीयों के साथ-साथ मेरी भी दीवाली है। लेकिन इस त्यौहार में कुछ बुराईयाँ भी हैं। पटाखों से घरों में आग लग जाती है। कई जगह दीवाली के दिन जुआ खेला जाता है। और अधिकतर लोग बहुत शराब पीते हैं। इसके कारण कभी-कभी रंग में भंग पड़ जाता है। पर इन बुराईयों को दूर किया जा सकता है।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि ऐसा उत्साह से भरा त्यौहार जिसमें पूरा देश जगमग-जगमग करता हो दुनिया में कोई दूसरा नहीं है। मुझे यह त्यौहार बहुत पसंद आया।


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हिंदी विश्व भारती छात्र पत्रिका-2011 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
हिन्दी लोक-नाटक तक्षिला मेंडिस 6:1
मेरा जन्म दिन बोल्द 6:2
होरी और मृत्यु... तक्षिला मेन्डिस 7:1
कैसे छोडूँ? 7:2
सिंहली लोक साहित्य विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 8
प्यार का गुलशन आदम 9:1
ऋणी हूँ मैं विसाला दनंजनी मल्लव आरच्चि 9:2
मेरा तुर्कमेनिस्तान आगान्थाजोवा शैकेर 10:1
देना: सबसे बड़ा सुख आगान्थाजोवा शैकेर 10:2
आइये चलें, ट्रिनिडाड और टुबेगो.....! वासुदेव 11
रूस में क्रिसमस वाल्या पोगोदीना 12
हमारी अपेक्षा..... अदुम इद्रीस अदुम 13
मधुरानी (अनुवादित रचना) तुरेब अबूज़र 14:1
ताजिकी (मूल रचना) जोनी शिरीन 14:2
भारत और श्रीलंका का अटूट रिश्ता के.वी.जे. कोषली 15:1
मैं चला जाता हूँ 15:2
गरीब साजन 15:3
मंगोलिया उंदरमा 16
मेरी यात्रा बेसुजीन 17
मेरी जिंदगी में भारत उमीदा 18
क्षणिकाएँ.... उमीदा 19:1
जापान की कथा यूकी तामागावा 19:2
चाड को जानिए नूर ब्राहीम 20
रूसी साहित्य अन्ना स्तेपानोवा और वाल्या पोगोदीना 21
सिरिलिक लिपिक याना यार्वोस्काया 22:1
जाना है मुझे कौशल्या समली 22:2
शोध क्या है? कौशल्या समली 23
म्याँमार (बर्मा) में भारतीयों की स्थित : कल और आज राकेश 24
हैदर अलीयेव मिरज़ायेवा साईदा 25
म्याँमार देश (बर्मा) के प्रमुख सांस्कृतिक त्यौहार राकेश 26
मेरा शहर उलानबाथर नारनतुया 27
अर्मेनिया मनात्साकानयान नारिने 28
तुम्हारी दोषी हूँ मनात्साकानयान नारिने 29
हंगरी को पहचानिए बैआता यकुशोब्स्कि 30
राजा मात्यारा और बूढ़ा आदमी बैआता यकुशोब्स्कि 31
मेरी भारत यात्रा वितावात रेक्ताविलजय 32:1
मेरा देश वितावात रेक्ताविलजय) 32:2
मेरी गोवा यात्रा अलगिरमा 33:1
मैं और भारत ओन्द्रह 33:2
मेरा देश कोरिया शिनजोंग 34
चीनी ड्रम मंदिग 43
‘मेरी दीवाली’ जंग यांग ए 44
भाषा सीखने का शौक श्रीमती समर बारी 45:1
मेरा देश मिस्त्र श्रीमती समर बारी 45:2
मर्जीशोर के त्योहार रालूका 46
‘श्रीमती देवी’ मिर्चआ ऐलियादे की नज़र में रालूका 47
चीनी नया साल और लाल बसंत चांग लू 48
मुझे तड़पाया-अनुदित रचना मोहम्मद खालिद 49:1
हर चा व जुरावलम पश्तो-मूल रचना मोहम्मद खालिद 49:2
अफगानिस्तान। मोहम्मद खालिद 50
रूसी भाषा वियोलेता 51
बर्फीली गुड़िया (रूसी कहानी) वियोलेता 52
सुहाग सुराजिनी दिसानायक 54
मेरी भारत यात्रा– जीवन की सुहानी यात्रा सुराजिनी दिसानायक 55
कुछ नहीं बदला सुराजिनी दिसानायक 56:1
चलिए, कोई बात नहीं सुराजिनी दिसानायक 56:2
तुर्की भाषा जानान एर्देमीर 57:1
सूर्य की देवी आसूमी तानाका 57:2
हिन्दी प्रेमी–श्रीमती इंद्रा दसनायक इंद्राकुमारी दसनायक 58
थ्रेशन लोग रोसित्सा 59
चालाक पेतर और दो झूठे रोसित्सा 60
मंगोलिया का राष्ट्र ध्वज मुन्ह–एतेनि 61
भाषा सीखना चीका ओगुरी 62
बाल्कन देशों का खान-पान गालेना त्स्वेत्कोवा 63
रोमन लिपि काया ब्रिक्स 65
सूरज सुगन्धि मधुभाषिनी 66:1
दिल का बाग सुगन्धि मधुभाषिनी 66:2
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ 67
विभाग के सदस्यों की सूची 69
वार्षिक प्रतिवेदन 70
विभागीय सेमिनार का प्रतिवेदन (सत्र 2010–2011) 71
छात्र सूची 2010-11 73
वैयक्तिक औज़ार

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