समन्वय छात्र पत्रिका-2012 पृ-9

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मियाँ मंजूर ने इखलास खान और अन्य विरोधियों को हरा दिया। फिर उन्होंने मुगलों को आमंत्रित करने पर खेद व्यक्त किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने चाँद बीबी से अनुरोध किया वे संरक्षण स्वीकार कर लें और वे अहमदनगर शाह द्वितीय के साथ अहमदनगर से बाहर चले गए। इखलास खान भी पैठान भाग गए, जहाँ मुगलों ने उन पर हमला किया और वे हार गए। चाँद बीबी ने प्रतिनिधित्व स्वीकार कर लिया और बहादुरशाह को अहमदनगर का राजा घोषित कर दिया।

अहमदनगर की रक्षा

नवम्बर, 1595 में अहमदनगर पर मुगलों ने हमला कर दिया। चाँद बीबी ने अहमदनगर में नेतृत्व किया और अहमदनगर का सफलतापूर्वक बचाव किया। बाद में शाह मुराद ने चाँद बीबी के पास एक दूत भेजा और बरार के समझौते के बदले में घेराबंदी हटाने की पेशकश की। चाँद बीबी के सैनिक भुखमरी से बेहाल थे। 1596 में उन्होंने बरार मुराद, जिसने युद्ध से सेना हटा लेने का संकेत दिया था, को सौंपकर शांति स्थापित करने का फैसला किया।

चाँद बीबी ने अपने भतीजे बीजापुर के इब्राहीम आदिल शाह द्वितीय और गोलकुंडा के मुहम्मद कुली कुतुब शाह से अपील की कि वे मुगल सेना के खिलाफ युद्ध करने के लिए एकजुट हो जाएँ। इब्राहीम आदिलशाह द्वितीय ने सोहिल खान के नेतृत्व में 25000 आदमियों का एक दल भेजा, जिसके साथ नलदुर्ग में येख्लास खान की बाकी बची सेना शामिल हो गई। बाद में उनके साथ गोलकुंडा के 6000 पुरुषों का एक दल शामिल हो गया। चाँद बीबी ने मुहम्मद खान को मंत्री के रूप में नियुक्त कर दिया, लेकिन वह विश्वासघाती साबित हुआ। खान खनन से एक प्रस्ताव के तहत उसने मुगलों को पूरी सल्तनत सौंपने की पेशकश की। इस बीच खान खनन ने उन जिलों पर कब्जे करने शुरू कर दिये, जो बरार के समझौते में शामिल नहीं थे। सोहिल खान जो बीजापुर से लौट रहा था। उसे वापस आने और खनन खान की मुगल सेना पर हमले का आदेश दिया गया। खान खनन और मिर्जा शाहरुख के नेतृत्व में मुगल सेनाओं ने बरार के सहपुर में मुराद का शिविर छोड़ दिया और उन्हें गोदावरी नदी के किनारे सोन्वते (सुपा) के नजदीक बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा के संयुक्त बलों का सामना करना पड़ा। 8-9 फरवरी, 1597 में भीषण लड़ाई में मुगल जीते।

अपनी जीत के बावजूद मुगल सेना हमले को आगे बढ़ाने के हिसाब से कमजोर थी और सहपुर लौट गई। उनका कमांडर राजा अली खान लड़ाई में मारा गया था और अन्य कमांडरों के बीच बहुत विवाद था। इन विवादों के कारण खान खनन को अकबर ने 1597 में वापस बुला लिया था। उसके शीघ्र बाद ही राजकुमार मुराद की मृत्यु हो गई। अकबर ने फिर अपने बेटे दानियाल और खान खनन को नए सैनिकों के साथ भेजा। अकबर ने खुद उनका पीछा किया और बुरहानपुर में शिविर लगाया।

अहमदनगर में चाँद बीबी के अधिकारी का नव नियुक्त मंत्री नेहंग खान द्वारा विरोध किया जा रहा था। नेहंग खान ने खान खनन की अनुपस्थिति और बरसात के मौसम का फायदा उठाते हुए बीड़ के शहरों पर पुन: कब्जा कर लिया। 1599 में अकबर ने बीड़ के राज्यपाल को कार्यमुक्त करने के लिए दानियाल, मिर्जा युसुफ खान और खान खनन को भेजा। नेहंग खान भी जयपुर कोटली मार्ग को जब्त करने के लिए चल दिया, क्योंकि उसे उम्मीद थी कि वहाँ उसे मुगल मिलेंगे। हालांकि दानियाल ने पास छोड़ दिया और वह अहमदनगर क़िले पर पहुँच गया। उसकी सेना ने किले को घेर लिया।

चाँद बीबी ने फिर किले का बचाव किया। वह प्रभावी प्रतिरोध नहीं कर सकीं और उन्होंने दानियाल के साथ उनकी शर्तों पर बातचीत करने का फैसला किया। हामिद खान एक रईस अतिरंजित हो गया और यह खबर फैला दी कि चाँद बीबी ने मुगलों के साथ संधि कर ली है। एक दूसरे संस्करण के अनुसार जीता खान जो चाँद बीबी का हिजड़ा सेवक था, ने सोचा था कि मुगलों के साथ बातचीत करने का उनका निर्णय विश्वासघात था और उसने खबर फैला दी कि चाँद बीबी एक देशद्रोही है। चाँद बीबी को फिर उनकी ही सेना की एक भीड़ ने मार डाला।

उनकी मृत्यु और चार महीने तथा चार दिन के घेराव के बाद दानियाल और मिर्जा यूसुफ खान की मुगल सेना द्वारा अहमदनगर पर कब्जा कर लिया गया। इस विजय के बाद अकबर राजा ने फतेहपुर सीकरी में इस लड़ाई की विजय के प्रतीक के रूप में बुलन्द दरवाजा का निर्माण करवाया।

चाँद बीबी का मकबरा अहमदनगर

आगरा के ताजमहल के निर्माण से पहले ताजमहल जैसी आकृति चाँद बीबी का मकबरा दिखाई देता है। कहते हैं कि शाहजहाँ ने यह देखकर ताजमहल को निर्मित करने की सोची होगी।


निष्णात


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समन्वय छात्र पत्रिका 2012 अनुक्रम
लेख का नाम लेखक पृष्ठ संख्या
संत कबीर की भक्ति भावना में श्री जगन्नाथ मदन मोहन दाश (पारंगत) 1
गजल ज्ञान प्रकाश पाण्डेय (पारंगत) 2:1
विरोधाभास तिलक राज शर्मा (पारंगत) 2:2
हिंदी की बिंदी क्षत्रिय भूपेन्द्र कुमार डी (निष्णात) 2:3
हिंदी की जय हो भबानि शंकर नाएक (प्रवीण) 2:4
स्वामी विवेकानन्द का शैक्षिक चिंतन धनंजय लहामगे (निष्णात) 3
गम ही सच्चा साथी भोसले उद्धव (निष्णात) 4:1
जिंदगी क्या है? तिरम सुनानी (पारंगत) 4:2
"हाय! ये दोस्ती क्या रंग लाती है" ध्रुति सुन्दर साहु (प्रवीण) 4:3
विद्या सबसे बड़ी शोभा अक्षय बल्लभ दाश (पारंगत) 5:1
ओड़िशा का सबसे बड़ा मेला "बालियात्रा" नब किशोर बेहेरा (पारंगत) 5:2
मत आओ मत आओ! श्रीमती सागरिका महाराणा (प्रवीण) 6:1
माँ रंजीत एम. मेश्राम (प्रवीण) 6:2
तेरी कमी धनजंय (निष्णात) 7:1
संस्थान की आरती अजित कुमार पंडा (प्रवीण) 7:2
चाँद बीबी एक पराक्रमी योद्धा मनोज शिंदे (निष्णात) 8
प्रार्थना (सन्तजनों के चरणों में) सुतारी राजेन्द्र रेड्डी (प्रवीण) 10:1
स्मृति मु. मुहिबुल्लाह (निष्णात) 10:2
वृक्ष की मानव से अपील नव किशोर बेहेरा (पारंगत) 11:1
सिर्फ पापा अभय अंजन दे (प्रवीण) 11:2
हमारा संस्थान प्रबीर कुमार पट्टायत (प्रवीण) 12:1
कभी नहीं भूलूँगा मैं हिंदी संस्थान को देबराज पधान (पारंगत) 12:2
चिंता विरेन्द्र कुमार नाग (पारंगत) 13:1
वजूद विष्णु खडसे (निष्णात) 13:2
तुम मुहम्मद गफूर यु. केरल (प्रवीण) 13:3
अपनी कक्षा पारंगत प्रमोद कुमार यादव (पारंगत) 14
हिंदी ही काम आई है प्रमोद कुमार यादव (पारगंत) 15:1
शर्म खाऊँ तो क्यों? तोफान पधान (पारंगत) 15:2
फतेहपुर सीकरी के दर्शन तोफान पधान (पारंगत) 16
नमस्ते गंगा सीताकांत पट्टनायक (पारंगत) 17
हे ताजमहल ! मिथुन दास (प्रवीण) 19
कौआ और पाँकपाँक चानवेनी किकोन (तृतीय वर्ष) 20:1
नेताजी-नेताजी, आप ये क्या कर रहे हो? भुरिया विनुभाई (निष्णात) 20:2
बेटा हो या बेटी संसारी नायक (पारंगत) 20:3
हाथी से बना हस्ती संसारी नायक (पारंगत) 21:1
बेटी शेख सगीर (प्रवीण) 21:2
कब मैं पराई हो गई? एस. तुलसी (पारंगत) 22
हे ईश्वर इतनी शक्ति दो! सुदाम पटेल (पारंगत) 23
प्रायश्चित (हिंदी नाटक) विष्णु खडसे (निष्णात) 24
प्रेम परीक्षा (हिंदी नाटक) विष्णु खडसे (निष्णात) 25
जो भी हो... लिलिश्री भोई (पारंगत) 26
मुस्कान लिलिश्री भोई (पारंगत) 26
उगादि एस. राजशेखर (निष्णात) 27:1
स्वयं करो पी. शिवशंकर पात्र (पारंगत) 27:2
संघर्ष विरेन्द्र कुमार नाग (पारंगत) 28:1
बदनाम एस. फाल्गुनी देवी (निष्णात) 28:2
भ्रष्टाचार तीर्थ बघार (पारंगत) 28:3
छोड़ दे। अर्चना सिंह (निष्णात) 28:4
अरलाउ न्यानो लोथा (तृतीय वर्ष) 29:1
चूजे भी शाहीनों से लड़ जाते हैं मोहम्मद तिर्जा जहिरूद्दीन (पारंगत) 29:2
परीक्षा भबानि शंकर नाएक 29:3
संस्थान में नुआँखाई का वह दिन कान्हा त्रिपाठी 30
"एक खत यार को" नीतिश कुमार पति 31
नूआँखाई पर्व तीर्थ बघार 32:1
तेरे आँसू शेख हारून 32:2
आतंकवाद जितेन्द्र पधान 32:3
कुछ कर दिखलाते हैं अर्चना सिंह 33:1
कैसा प्यार? बबन सिंह 33:2
मेरा जिला "नर्मदा जिला" वसावा रविन्द्र कुमार शांतिलाल 34
और कर भी क्या सकती हो तुम ! पंचानन मेहेर 36:1
भगवान की प्रतिज्ञा शेख हारून 36:2
"शहरीकरण का मानव पर प्रभाव" प्रमोद कुमार यादव 37
भ्रष्टाचार वृद्धि के कारण एवं समाधान सुश्री रश्मिता पाणिग्रही 38
राजभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति जवीर सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, (सीनियर स्केल) 39
केंद्रीय हिंदी आगरा 43
साहित्य सभा का गठन 45
शिक्षणाभ्यास कार्यक्रम वर्ष : 2011-2012 45
भारत स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर 46
विषय- साहित्यिक प्रतियोगिताएँ 50
विभागीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ 51
विजेताओं की सूची 51
खेलकूद प्रतियोगिता सत्र – 2011-12 53
विभागीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ 54
आंतरिक परीक्षा 55
अध्यापक शिक्षा विभाग के संकाय सदस्य 55
अध्यापक शिक्षा विभाग में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सूची 55
श्रद्धांजलि 57
केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल की शासी परिषद के सदस्यों की सूची 58
वैयक्तिक औज़ार

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